अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब परिवारों के जो भी बच्चे इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी तथा विदेश की यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने के लिए भाषा/ अभिरुचि परीक्षा आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं उनके लिए केंद्र सरकार ने “नया सवेरा योजना” प्रारम्भ की है.
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने इस योजना की शरुआत 2017 में की थी. योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा प्रदान करना है. जिससे वे सक्षम बनकर सरकारी ताथा निजी नौकरियों में भागीदार बन सकें.
इस योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को इजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, बैंक इंश्योरेंस आदि की तैयारी कराई जाती है. इसके लिए सरकार प्रति छात्र एक लाख रुपए खर्च करती है.
इस योजना से जुड़ने वाले छात्रों को सिविल सेवा की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग का लाभ उठाने के दो अवसर दिए जाते हैं. हाँ किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग का लाभ एक ही बार मिलता है. इसमें एक शर्त है कि छात्रों को सभी कक्षाएं अटैंड करना अनिवार्य है.
कोई छात्र बिना किसी कारण 15 दिन से ज्यादा अनुपस्थित रहता है या बीच में कोचिंग छोड़कर चला जाता है, तो ऐसी स्थिति में भी उस पर किया गया पूरा खर्च उससे वसूल किया जाता है. इस योजना में 30% सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित हैं.
छात्रों का चयन मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा. इसमें 75 प्रतिशत अंक अथवा समतुल्य ग्रेड से नीचे के छात्रों का चयन नहीं किया जाएगा. सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग का लाभ एक बार ही लिया जा सकता है. यदि छात्र दूसरे साल फिर तैयारी करना चाहता है तो उसे कोचिंग सेवाओं के 50% शुल्क चुकाने पड़ेंगे. साथ ही छात्र को शपथ-पत्र देना होगा कि उसने पहले कभी इस योजना का लाभ नहीं लिया है.
निशुल्क कोचिंग का लाभ ले रहे सभी छात्रों को निर्धरित नियमों के अनुसार 2500 रुपए महीना दिया जाएगा. स्टायपेंड के लिए प्रत्येक छात्र को हर महीने अपना रिजल्ट दिखाना होगा, यह रिजल्ट हर महीने कोचिंग से छात्र को रिपोर्ट कार्ड के रूप में मिलेंगे.
इस योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है. ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले अपने सभी दस्तावेज PDF फॉर्मेट में तैयार रखने होते हैं. आवेदन के साथ क्या दस्तावेज देना होता है इसकी जानकारी फॉर्म ओपन करते ही मिल जाती है. जिसके लिए इस लिंक पर क्लिक करें- http://www.minorityaffairs.gov.in/apply-online
कोचिंग कार्यक्रम की मॉनीटरिंग अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अधिकारी/ राज्य सरकार/ एवं जिला प्राधिकारी द्वारा की जाती है. चुने गए छात्र के लिए वित्तीय सहायता प्रति शैक्षिणिक वर्ष 1 लाख रुपए निर्धारित है. 11वीं कक्षा के लिए कोचिंग कार्यक्रम न्यूनतम 8 माह का होगा तथा 12वीं के लिए 10 माह का होता है. छात्र- छात्राओं की कोचिंग के लिए संस्थानों का निर्धारण चयन समिति द्वारा किया जाता है. 6 लाख से अधिक वार्षिक आय वालों को इसका लाभ नहीं मिलता. लड़कियों के लिए आवासीय सुविधा भी मिलती है.


loading…

Loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *