भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने डॉक्टर संजय जायसवाल को बिहार प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया है. भाजपा ने पश्चिम चम्पारण से सांसद डॉक्टर संजय जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने के अलावे संसद की कुल 24 स्थाई समितियों में से डॉ संजय जायसवाल सहित बिहार के राधामोहन सिंह, रमा देवी, ललन सिंह और भूपेंद्र यादव को चेयरपर्सन भी नियुक्त किया है.
मोदी की कैबिनेट-2 में नित्यानंद राय के शामिल होने के बाद संजय जायसवाल को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गयी है. जायसवाल राजनीति के पुराने खिलाड़ी रहे हैं और उन्हें काफी अनुभव भी है. वे 2009 से पार्टी के सांसद रहे हैं.
बिहार में 2020 में चुनाव होना है ऐसे में संजय जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना काफी अहम माना जा रहा है. कुछ दिनों से सहयोगी जदयू और भाजपा के बीच चल रही खटास के बीच पार्टी और गठबंधन को मजबूती प्रदान करना संजय जायसवाल की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.
डॉ संजय जायसवाल को जल संसाधन समिति का चेयरपर्सन बनाया गया है. राधामोहन सिंह रेलवे समिति के चेयरपर्सन, रमा देवी सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण की चेयरपर्सन, भूपेंद्र यादव शिकायतें, कानून और न्याय समिति के चेयरपर्सन, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ऊर्जा समिति के चेयरपर्सन बनाये गया हैं.
इनके अलावे विभिन्न समितियों में सदस्य के रूप में भी बिहार के कई सांसदों का चयन किया गया है. रेलवे समिति में चेयरपर्सन राधामोहन सिंह के साथ ही गोपालजी ठाकुर, कौशलेंद्र कुमार, मनोज कुमार झा और वशिष्ठ नारायण सिंह भी हैं.
छेदी पासवान, वीणा देवी और राजीव प्रताप रूडी ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म एंड कल्चर समिति के सदस्य बनाये गये हैं. वहीं गृह मामलों की समिति में बेगूसराय के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा के साथ ही भूपेंद्र यादव सदस्य हैं.
ऊर्जा समिति में राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंहके साथ ही डॉ सीपी ठाकुर और जयप्रकाश यादव भी हैं. कानून और न्याय व शिकायतों से जुडी समिति में चेयरपर्सन भूपेंद्र यादव के साथ ही चिराग पासवान और प्रभात झा शामिल हैं. मानव संसाधन विकास समिति में राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह और अखिलेश प्रसाद सिंह को सदस्य बनाए गये हैं.
रामकृपाल यादव तथा रामनाथ ठाकुर कृषि समिति के सदस्य होंगे. सांसद आरके सिंह को शहरी विकास समिति का सदस्य बनाया गया है. रामप्रीत मंडल उद्योग समिति तथा राज्यसभा सांसद मीसा भारती विदेश मामले की समिति की सदस्य बनायी गयी हैं. समितियों का गठन एक साल के लिए होता है.


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