MP निकाय चुनाव में BJP के 25, कांग्रेस के 15 अध्यक्ष व 3 निर्दलीय जीते

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मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल माने जा रहे स्थानीय निकाय की 43 सीटों पर अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने 25, कांग्रेस ने 15 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है। किसान आंदोलन का गढ़ बने मंदसौर जिले में भाजपा को बड़ा झटका लगा है, जहां के तीनों सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है।
मध्य प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जहाँ लगातार 3 बार से भाजपा का शासन है। मंदसौर गोलीकांड के बाद कांग्रेस आक्रामक होकर शिवराज सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी थी। कांग्रेस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता से अपने वनवास को खत्म करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही, लेकिन यह चुनाव परिणाम उसकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका है।
मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह चौहान ने नतीजों को कांग्रेस मुक्त मध्य प्रदेश की दिशा में अहम कदम करार दिया है। चौहान ने कहा कि कांग्रेसमुक्त अभियान की तरफ मध्य प्रदेश आगे बढ़ चुका है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कमलनाथ को अपने क्षेत्र तक सीमित हो गये हैं। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की व्यक्तिगत जीत है, जिन्होंने चुनाव में काफी मेहनत की थी।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा कि जनता ने एक बार फिर उनकी सरकार में अपनी आस्था व्यक्त किया है। चौहान ने ट्वीट किया कि भाजपा को मिली जीत विकास की जीत है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की उम्मीदों पर अवश्य खरा उतरेगी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के नेतृत्व में विकास की नई बयार बहेगी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव ने कहा कि पार्टी की यह जीत कार्यकर्ताओं की विजय है। कांग्रेस के लिए यह विजय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सत्तारूढ़ दल ने धन, बाहुबल और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। इसके बावजूद हमारे प्रत्याशी पिछली बार की तुलना में अधिक स्थानों पर विजयी हुए।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता केके मिश्रा का दावा है कि जो निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए हैं, उनमें से दो विजयी प्रत्याशी कांग्रेस से ही जुडे हैं। उन्होंने कहा कि यह नतीजे कांग्रेस के पक्ष में है और इससे निश्चित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार हुआ है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम के अनुसार 11 अगस्त को हुए मतदान में लगभग आठ लाख वोटर्स ने अपने वोट का इस्तेमाल किया था। अध्यक्ष पद के लिए 161 और पार्षद पद के 2,133 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनके भाग्य का फैसला 16 अगस्त बुधवार को हुआ।

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