चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट दे दी है. चुनाव आयोग ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी तरह की आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है. चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सौंपे गए जवाब पर संतुष्टि जताई है और कहा है कि पीएम द्वारा 1 अप्रैल को महाराष्ट्र के वर्धा में दिया गया भाषण आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं था. बता दें कि कांग्रेस सांसद सुष्मिता देब ने सुप्रीम कोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिकायत की थी और कहा था कि उनके द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान की शिकायत चुनाव आयोग में करने के बावजूद आयोग पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.
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चुनाव आयोग ने अपने फैसले में कहा कि 1 अप्रैल 2019 को महाराष्ट्र के वर्धा में पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण की रिपोर्ट महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आयोग को सौंपी थी. आयोग ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों, और जन प्रतिनिधि कानून के नियमों के मुताबिक इस भाषण की विस्तृत जांच की गई और आयोग इस निष्कर्ष पर पहुचा कि प्रधानमंत्री ने आदर्श आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं किया है. अब हम आपको बताते हैं कि 1 अप्रैल 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के वर्धा में अपने भाषण में क्या कहा था. पीएम ने चुनावी सभा में कहा था, “कांग्रेस ने हिंदुओं को अपमानित करने का काम किया है…पूरे विश्व को परिवार मानने वाले हिन्दू समाज को आतंकी कह दिया…आतंकवाद हिन्दू के साथ जोड़ दिया…ये आतंकवादी हिन्दू की सजा उनको मिल चुकी है, इसलिए भाग करके जहां मेजोरिटी माइनरिटी में है वहां शरण लेने के लिए मजबूर हो गए हैं.”
माना जाता है कि वर्धा में भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा केरल के वायनाड सीट से चुनाव लड़ने की ओर इशारा किया था. कांग्रेस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में न सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी की शिकायत की गई थी बल्कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर भी आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया गया था. सोमवार को कांग्रेस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में शिकायत के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने इन शिकायतों पर उचित फैसला लेने का भरोसा दिया था.


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