भाजपा के वरिष्ट नेता व बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद निजी हित के लिए कभी भी किसी के पैर पर गिर सकते हैं. समर्थन लेने के लिए वह भाजपा के दफ्तर में आये और छपरा से चुनाव जीतने के लिए भाजपा के साथ ही RSS की भी मदद ली थी.
सुशील मोदी ने बुधवार को विधिवत संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर कई गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव चाहे जितनी भी बयानबाजी RSS और भाजपा के विरुद्ध करते रहें पर अपने स्वार्थ के लिए वो लगातार 1973 से ही RSS का सहयोग लेते रहे हैं.
सुशील मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने भाजपा नेता और वित्तमंत्री अरुण जेटली से मिल कर CBI को सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं करने देने के लिए राज़ी करना चाहा था, साथ ही कहा था कि आप मेरा सहयोग करें मैं 24 घंटे में नीतीश कुमार का इलाज कर दूंगा. झारखंड हाईकोर्ट ने जब लालूयादव के पक्ष में फैसला दिया कि चारा घोटाले से जुड़े अन्य मामलों में ट्रायल की जरूरत नहीं है, तो CBI इस फैसले को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट गयी थी. उसके बाद लालू प्रसाद यादव ने अपने दूत प्रेम गुप्ता को अरुण जेटली के पास भेजकर कहलवाया कि CBI को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं करने दिया जाए. मैं आपका साथ दूंगा.
सुशील मोदी ने कहा कि प्रेम गुप्ता को दो बार अरुण जेटली के पास भेजा और फिर एक बार उनके साथ स्वयं भी गए. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मदद मिलती है तो मैं 24 घंटे में नीतीश कुमार का इलाज कर दूंगा. अरुण जेटली ने तब स्पष्ट कहा कि हम CBI के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकते. क्योंकि, यह एक स्वायत्त संस्थान है.
मोदी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लालू प्रसाद यादव निजी हित के लिए किसी के भी पैर पर गिर सकते हैं. 1973 में समाजवादी युवजन सभा और विद्यार्थी परिषद ने मिलकर पटना विश्वविद्यालय का चुनाव लड़ा और चुनाव जीतने के बाद लालूप्रसाद स्वयं पटना संघ कार्यालय धन्यवाद ज्ञापन करने गये थे. 1974 और 1975 में JP आंदोलन में भी BJP- RSS की मदद लालूप्रसाद ने ली थी. छपरा से चुनाव में भी RSS और BJP की मदद ली थी. वो BJP का समर्थन लेने के लिए पार्टी के दफ्तर भी आये और माननीय कैलाशपति मिश्रजी से सहयोग पत्र लेकर सरकार बनाया था.


loading…

Loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *