पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने भारत को एक बड़ा जख्म दिया है, जो उसे हमेशा चुभता रहेगा. पाकिस्तानी मंत्री शेख राशिद ने साथ ही दावा किया कि करतारपुर कॉरिडोर खोलने के पीछे सेना प्रमुख बाजवा का ही दिमाग था.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान इससे पहले कह चुके हैं कि कॉरिडोर खोलने का आइडिया उनका था. करतारपुर कॉरिडोर पंजाब के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर साहेब के बीच बना है, जिसे गुरु नानक देवजी की 550वीं जंयती के अवसर पर इसी 9 नवंबर को खोला गया है. तब इमरान खान ने भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए पहले जत्थे का स्वागत करते हुए कहा था कि मुझे इस स्थान की अहमियत के बारे में जानकारी नहीं थी. मुझे एक साल पहले ही इसके बारे में पता चला और मैं खुश हूँ कि यह आप सबके लिए कर सका.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के खासमखास रेल मंत्री शेख रशीद ने अपनी सरकार के दावे के बिल्कुल उलट दावा करते हुए शनिवार को कहा कि जनरल बाजवा ने इस कॉरिडोर को खोलकर भारत को एक बड़ा जख्म दे दिया है. इस प्रोजेक्ट के जरिए पाकिस्तान ने सिख समुदाय का प्यार जीता. उन्होंने स्वीकार किया कि इमरान सरकार को पाकिस्तानी सेना का पूर्ण समर्थन प्राप्त है. हमारी सरकार के अभी तीन साल बचे हैं जिसे हम पूरा करेंगे, बाजवा को भी तीन साल का सेवा विस्तार दिया गया है.
करतारपुर साहेब सिखों के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है. गुरु नानकदेव जी अपनी यात्राओं को पूरा कर यहीं बसे और अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष यहाँ रहे और यहीं समाधि ली थी. उन्होंने यहां हल चलाकर खेती की, रावी नदी के किनारे ही ‘नाम जपो, किरत करो और वंड छको’ का उपदेश दिया, लंगर की शुरुआत यहीं से हुयी थी. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साढ़े पांच सौ श्रद्धालुओं का पहला जत्था करतारपुर के लिए रवाना किया था.


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