ISRO की एक और उपलब्धि, मिशन खत्म होने के 34 महीने बाद भी काम कर रहा मंगलयान

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मंगलयान की उपलब्धियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। मंगलयान को मंगल ग्रह के अध्ययन और रिकॉर्ड जमा करने के लिए 6 महीने के मिशन पर भेजा गया था लेकिन 34 महीने बीत जाने के बाद भी मंगलयान पूरी तरह से काम कर रहा है। इसरो के मुताबिक मंगलयान से लगातार तस्वीरें और डाटा मिल रहा है। वैज्ञानिकों को अब तक लाल ग्रह की सतह पर पहाड़ों, घाटियों, तूफान आदि की अच्छी तस्वीर भेजी है। ये तस्वीरें मंगल ग्रह के अध्ययन में काफी सहायक साबित हो रही हैं।
वहीं इसरो के वैज्ञानिक ने बताया कि मंगलयान ने 24 मार्च 2015 को अपना मिशन पूरा कर लिया था, लेकिन अभी भी पूरा डाटा और तस्वीरें उसके द्वारा भेजी जा रही हैं। इसरो के वैज्ञानिकों ने कहा कि मंगलयान मिशन पूरा करने के बाद भी अपना काम निरतंर कर रहा है। ऐसे में उसे महायान कहना गलत नहीं होगा। इसरो के मार्श ऑर्बिटर मिशन से वैज्ञानिक काफी खुश है।

इस मिशन की खास बात यह है कि इसरो ने सिर्फ 450 करोड़ में इस मिशन को पूरा कर लिया। वैज्ञानिकों ने मंगलयान को भारत के अंतरिक्ष इतिहास का सबसे बड़ा मिशन करार दिया है। मंगलयान करीब तीन दिन में मंगल की कक्षा का एक चक्कर पूरा करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंगलयान की सफलता के लिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दे चुके हैं।
भारत 2018 की शुरुआत में ही चांद पर दो यान भेजने की तैयारी में है। इन 2 यानों में एक चंद्रयान-2 जो कि इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाजेशन) द्वारा भेजा जाएगा। चंद्रयान-2, चंद्रयान 1 से पहले के मुकाबले कई गुना बेहतर होगा। चंद्रयान-2 का मुख्य मकसद नीचे तक चांद की सतह की जांच करना होगा। इसके अलावा दूसरा यान इंडस टीम के द्वारा भेजा जाएगा। इंडस टीम एक अंतरिक्ष उत्साही लोगों का एक ग्रुप है जो कि वैश्विक चंद्र प्रतियोगिता के तहत भारत का तिरंगा चांद की सतह पर फहराना चाहता है।

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