INS कलवरी नौसेना में शामिल; 21वीं सदी के विकास का रास्ता हिंद महासागर से निकलेगा : PM

 87 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “INS कलवरी” राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि इससे भारतीय नौसेना को और मजबूती मिलेगी तथा 21वीं सदी के विकास का रास्ता हिंद महासागर से ही निकलेगा.
प्रधानमंत्री ने कलवरी के विकास में लगे सभी कर्मचारियों को शुक्रिया और बधाई देते हुए कहा कि भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते रणनीतिक रिश्ते के सबूत कलवरी को राष्ट्र को समर्पित करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. आज सवा सौ करोड़ भारतीयों के लिए बहुत गौरव का दिन है. मैं सभी देशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बहुत-बहुत बधाई देता हूं.
प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना को बधाई देते हुए कहा कि चाहे समुद्र के रास्ते आने वाला आतंकवाद हो, पाइरेसी की समस्या हो, ड्रग्स की तस्करी हो या फिर अवैध फिशिंग आप सभी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. हम हिंद महासागर में अपने वैश्विक, सामरिक और आर्थिक हितों को लेकर पूरी तरह सजग हैं, सतर्क हैं. इसलिए भारत की मॉडर्न और मल्टी डायमेंशनल नौसेना पूरे क्षेत्र में शांति के लिए, स्थायित्व के लिए आगे बढ़कर नेतृत्व करती है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि INS कलवरी के निर्माण में लगभग 12 लाख लोग लगे हैं. इसके निर्माण के दौरान जो तकनीकी दक्षता भारतीय कंपनियों को, भारतीय उद्योगों को, छोटे उद्यमियों को, हमारे इंजीनियरों को मिली है, वो देश के लिए एक तरह से “Talent Treasure” हैं. ये स्किल सेट हमारे लिए एक एसेट है. कलवरी की शक्ति, या कहें टाइगर शार्क की शक्ति हमारी भारतीय नौसेना को और मजबूत करेगी. यह “मेक इन इंडिया” का उत्तम उदाहरण है. मैं इसे एक स्पेशल नाम से बुलाता हूं- S. A. G. A. R.- “सागर” यानि सेक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ-सबका विकास का हमारा मंत्र जल-थल-नभ में एक समान है। पूरे विश्व को एक परिवार मानते हुए, भारत अपने वैश्विक उत्तरदायित्वों को लगातार निभा रहा है. भारत अपने साथी देशों के लिए उनके संकट के समय first responder बना है. अपने पड़ोसियों की मदद के लिए भारत सदैव तत्पर है. चाहे वो मालदीव हो या श्रीलंका, बांग्लादेश हो या कोई और देश. भारतीय नौसेना मदद में कभी पीछे नहीं रही. यमन में अपने नागरिकों को बचाने में नौसेना का अहम योगदान रहा है.
प्रधानमंत्री बुधवार रात करीब 11 बजे ही मुंबई पहुंच गये थे, हवाईअड्डे पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने प्रधानमंत्री की अगवानी की, उन्होंने राजभवन में रात बिताई.
कलवरी का नाम हिंद महासागर में पाई जाने वाली खतरनाक टाइगर शार्क के नाम रखा गया है. नौसेना की परंपरा के मुताबिक शिप और सबमरीन के सेवामुक्त होने पर उन्हें दोबारा अवतरित किया जाता है. वैसा ही कलवरी के साथ भी हुआ. पहली कलवरी 8 दिसंबर 1967 में भारतीय नौसेना में शामिल हुई थी जो भारत की पहली सबमरीन थी. इसे 31 मार्च 1996 को 30 साल की राष्ट्रसेवा के बाद भारतीय नौसेना से रिटायर किया गया था.
स्कार्पीन सबमरीन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह कई तरह के अभियानों में हिस्सा ले सकती है. जैसे एंटी सरफेस वॉर, एंटी सबमरीन वॉर, इंटेलिजेंस इकट्ठा करना, माइंस बिछाना और एरिया सर्विलांस.

भारतीय नौसेना के लिए आज का दिन ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि पाकिस्तान और चीन के लिए एक खतरनाक सपने जैसा दिन है. आधुनिक फीचर्स से लैस जरूरत पड़ने पर दूर तक मार करने में सक्षम यह पनडुब्बी दुश्मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है. ये टॉरपीडो और ऐंटी शिप मिसाइलों से हमले कर सकती है. जिसका प्राथमिक काम दुश्मन के व्यापार और उर्जा मार्गों पर नजर रखना, अपने क्षेत्र को ब्लॉक करना और युद्धक उपकरणों की रक्षा करना है. न्यूक्लियर ताकतों से लैस पनडुब्बी और बैलिस्टिक मिसाइल नौसेना की ताकत और दक्षता को बढ़ाएंगे.
नौसेना की ताकत को बढ़ाने के लिए भारत ने पिछले साल आईएनएस अरिहन्त को लॉन्च कर इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया था. अग्नि लैंड मिसाइल और फाइटर बॉमर भी उसी उद्देश्य से उठाए गये कदम थे. पिछले कुछ सालों से पानी के अंदर आक्रमण कर सकने में सक्षम आधुनिक हथियारों की कमी भारत के लिए एक चिंता जरूर रही है, क्योंकि इस वक्त नौसेना में 13 पुराने सबमरीन हैं, जिनमें से आधे किसी काम के नहीं बचे हैं. ऐसे हालात में सेना को मजबूत बनाने के लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण कदम है.
आईएनएस कलावरी पनडुब्बी 50 से ज्यादा दिनों तक समुद्र के गहरे पानी में आसानी से रह सकती है. पानी के अंदर इसकी रफ्तार 20 नॉटिकल माइल (40 किलोमीटर प्रति घंटे) है. 1565 टन वजन वाली इस पनडुब्बी में 6 टोरपिडों ट्यूब है और यह एंटी मिसाइल होने के साथ ही माईन भी रोक सकती है.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें


loading...


Loading...