प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आतंकवाद एवं अलगाववाद के पीछे के एक बड़े कारण को नष्ट करने के लिए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का जिक्र करते हुए कहा कि हम उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं जो असंभव लगते थे, जिनके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था.
थाईलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे PM मोदी ने बैंकाक में “स्वासदी मोदी” कार्यक्रम में भारतीयों को संबोधित करते हुए शनिवार को उक्त बातें कहीं. PM मोदी तीन नवम्बर को 16वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में तथा चार नवंबर को 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और एक क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) वाले देशों की तीसरी शिखर बैठक में भी हिस्सा लेंगे.
PM मोदी ने कहा कि थाइलैंड के जन-जन, कण-कण, खानपान, परंपराओं, बातचीत, और आस्था में कहीं न कहीं भारतीयता की महक महसूस होती है. अपनापन नजर आता है. यहाँ के थाइलैंड के राजपरिवार का भारत के प्रति लगाव हमारे घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है. राजकुमारी महाचक्री स्वयं संस्कृत की बहुत बड़ी विद्धान हैं. भारत-थाइलैंड के रिश्ते सिर्फ सरकारों के बीच के नहीं, ये रिश्ते दिल के, आत्मा के और आध्यात्म के हैं. इतिहास के हर पल, हर घटना ने हमारे संबंधों को विकसित और विस्तृत करते हुए एक नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. पिछले पांच सालों में मुझे दुनिया के कई देशों में जाने का मौका मिला, हर जगह मैं भारतीय समुदाय से मिलने की कोशिश करता हूँ. आज आप इतनी बड़ी तादाद में मुझे आशीर्वाद देने आए हैं, मैं इसके लिए आपका आभारी हूँ.
मोदी ने कहा कि हम नॉर्थ ईस्ट इंडिया को साउथ ईस्ट एशिया के गेटवे के तौर पर विकसित कर रहे हैं, इससे भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और थाइलैंड की एक्ट वेस्ट पॉलिसी को ताकत मिलेगी. एक बार जब भारत-म्यांमार-थाईलैंड हाईवे शुरू हो जाएगा, तो तीनों देशों के बीच कनेक्टिविटी आसान होगी, व्यापार बढ़ेगा और ट्रेडिशन को भी एक नई ताकत मिलेगी. इस समय भारत जिस परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, ठीक उसी तरह से देश के लोगों ने इस वर्ष के प्रारंभ में लोकसभा चुनावों में पिछली बार की तुलना में अधिक वोटों का आशीर्वाद देकर मुझे दूसरी बार अपना प्रधान सेवक चुना. आज 130 करोड़ भारतीय, न्यू इंडिया के निर्माण में लगे हैं. जो लोग 5-7 साल पहले भारत गए होंगे, उन्हें अब भारत में सार्थक परिवर्तन स्पष्ट दिखता होगा.
PM ने कहा कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के पवित्र पर्व के मौके पर भारत सरकार पूरे विश्व में कार्यक्रम आयोजित कर रही है. गुरु नानक देव जी के विचार पूरी मानवता की धरोहर हैं और ये हमारी जिम्मेदारी है कि अपनी विरासत का लाभ पूरी दुनिया को दें. भारत में भगवान बुद्ध से जुड़े तीर्थ स्थलों का के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है. लद्दाख, बोधगया, सारनाथ, सांची जहां-जहां भगवान बुद्ध के स्थान हैं, उनकी कनेक्टिविटी के प्रयास किए जा रहे हैं. भगवान राम की मर्यादा और भगवान बुद्ध की करुणा हमारी साझी विरासत है। करोड़ों भारतीयों का जीवन जहां रामायण से प्रेरित होता है, वही दिव्यता थाईलैंड में रामातियन की है.
PM द्वारा अनुच्छेद 370 के संबंध में उठाए गये कदम का जिक्र करने पर हाल में उपस्थित तमाम लोगों ने खड़े होकर तालियां बजायी. मोदी ने इसपर कहा कि जब फैसला सही होता है तो इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देती है साथ ही इन तालियों को भारत की संसद और उनके तमाम सांसदों के लिए बताया. PM ने अपने भाषण में उज्ज्वला योजना, स्वच्छता अभियान, आयुष्मान भारत समेत सरकार की तमाम योजनाओं और उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि भारत पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कड़ी मेहनत कर रहा है.


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