भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने आज चीन से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में चला रहे गतिविधियों पर फौरन रोक लगाने को कहा है. रवीश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चीन जम्मू-कश्मीर के मामले में भारत की स्थिति से पूर्णतया अवगत है. वो अच्छी तरह जानता है कि लद्दाख सहित संपूर्ण जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हाल के घटनाक्रम भारत का आंतरिक मामला है. साथ ही उन्होंने कहा कि चीन इसे समझते हुए POK में जो गतिविधि चला रहा है उस पर फौरन रोक लगाएगा इसका हमें विश्वास है.
भारत ने चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का मुद्दा उठाए जाने पर शनिवार को कड़ा रुख अपनाते हुए यह कठोर वक्तव्य दिया है. रवीश कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि हम दूसरे सभी देशों से उम्मीद करते हैं कि वे भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे. हमें आशा और विश्वास है कि चीन POK में CPEC के अवैध निर्माण को पूरी तरह रोकने का काम करेगा.
इसके पूर्व चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने UNGC में कहा था कि कश्मीर एक विवादित मुद्दा है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों, सुरक्षा परिषद के संकल्पों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्वक ढ़ंग से होना चाहिए. चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि एकतरफा तरीके से की गई कोई भी कार्रवाई यथास्थिति को नहीं बदल सकती है. भारत और पाकिस्तान प्रभावी तरीके से विवाद को खत्म करेंगे और उनके संबंधों में स्थिरता आएगी.
ज्ञात है कि अगस्त 2019 के प्रथम सप्ताह में भारत ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A हटाकर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था, जो 31 अक्टूबर से प्रभाव में आ जाएगा. इस फैसले के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों में कटौती करते हुए भारतीय उच्चायुक्त तक को वापस भेज दिया. उधर चीन ने भी इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में एक बैठक गुप्त ढ़ंग से बुलाई, जो भारतीय कूटनीति के कारण बेनतीजा रही.


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