वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ने बालाकोट हवाई हमले में मारे जाने वाले लोगों की संख्या के बारे में कोई टिप्पणी करने से सोमवार को इंकार किया और कहा कि इस बारे में जानकारी सरकार देगी और वायुसेना केवल यह देखती है कि निशाना लगा या नहीं। इस सवाल पर कि पाकिस्तान द्वारा गिरफ्तार किए गए विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान क्या भविष्य में फिर लड़ाकू विमान उड़ाएंगे, उन्होंने कहा, ”अगर वह स्वस्थ होंगे तो विमान उड़ाएंगे।” वायुसेना प्रमुख ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हम पायलट के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं कर सकते। 26 फरवरी को बालाकोट स्थित जैश ए मोहम्मद के आतंकी शिविर पर भारतीय वायुसेना के हमले के बाद आई यह उनकी पहली टिप्पणी है।
गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना ने 27 फरवरी को विंग कमांडर अभिनंदन को तब हिरासत में ले लिया था जब पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराने के बाद उनका मिग-21 भी गिर पड़ा और वह गलती से पैराशूट के जरिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में उतर गए थे। पाकिस्तान ने एक मार्च को ही अभिनंदन को रिहा किया है।
वायुसेना प्रमुख ने कहा, ”हम किसी पायलट के स्वास्थ्य को लेकर कोई समझौता नहीं करते।” उन्होंने कहा कि वायु सेना यह बताने की स्थिति में नहीं है कि कितने लोग मारे गए। धनोआ ने कहा, ”हम मरने वालों की गिनती नहीं करते। हम बस इतना गिनते हैं कि कितने ठिकानों पर निशाने लगे और कितनों पर नहीं।” वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अभियान के बाद क्षति आकलन में केवल उन लक्ष्यों की गिनती की जाती है जिनपर निशाना लगा और जिनपर नहीं। धनोआ ने कहा, ”हम मरने वाले लोगों की गिनती नहीं करते। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वहां कितने लोग मौजूद थे।” उन्होंने कहा कि मारे गए आतंकवादियों की संख्या के संबंध में बयान सरकार जारी करेगी।
बम के निशानों से दूर गिरने के सवाल पर उन्होंने कहा, ”हमारी रिपोर्ट इससे इतर है।’ पाकिस्तान के पिछले सप्ताह भारत के खिलाफ एफ16 विमान का इस्तेमाल करने के सवाल पर धनोआ ने कहा कि मुझे नहीं पता कि इसके इस्तेमाल को लेकर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच क्या समझौता है। अगर समझौता यह है कि उसका आक्रामक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता तो मुझे लगता है कि उन्होंने समझौते का उल्लंघन किया है। उन्होंने कि भारत के पास एएमआरएएम मिसाइल के टुकड़े हैं, जो उसने दिखाए हैं।
धनोआ ने कहा, ”निश्चित रूप से, मुझे लगता है कि वह संघर्ष में एफ16 विमान गवां बैठा हैं। तो निश्चित रूप से वह विमान का इस्तेमाल कर रहे थे।” उनके अनुसार भारतीय वायु सेना ने बालाकोट के जंगल में बम गिराए तो पाकिस्तान को इसका जवाब देने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, ”विदेश सचिव ने अपने बयान में निशाने की स्पष्ट व्याख्या की है। और अगर हमारी योजना लक्ष्य को निशाना बनाने की थी तो हमने उसे निशाना बनाया। अन्यथा पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई क्यों करता।”
साथ ही उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर तक भारत के शस्त्र भंडार में आ जाना चाहिए। राफेल विमान के मौजूद होने पर स्थिति कुछ और होने के प्रधानमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा, ”माननीय प्रधानमंत्री ने बयान दिया है। मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।” धनोआ ने कहा कि जब शत्रु हमला करता है तो जवाब देने के लिए हर मौजूद विमान का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी विमान का मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल किया गया मिग-21 विमान आधुनिक हथियार प्रणाली से लैस एक उन्नत विमान था।
धनोआ ने पत्रकारों से कहा, ”मिग21 बाइसन हमारे शस्त्र भंडार का हिस्सा है, तो उसका इस्तेमाल क्यों ना हो? मैं मौजूदा अभियानों पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि वे जारी हैं। मिग 21 सक्षम है। वह उन्नत और आधुनिक हथियार प्रणाली, बेहतर रडार, बेहतर हवा से हवा में वार करने वाली मिसाइल… उन सभी से लैस है जो इसे तीसरी पीढ़ी से 3.5 पीढ़ी का विमान बनाता है।”
उन्होंने कहा कि वह राजनीति पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते लेकिन अभिनंदन की घर वापसी से खुश हैं। धनोआ ने कहा, ”वह दोबारा विमान उड़ा पाएंगे या नहीं यह उनके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। इसलिए ही वापसी के बाद उनकी चिकित्सीय जांच की गई। इसके लिए जो भी उपचार आवश्यक है, हमने उन्हें दिया है। स्वस्थ होने पर ही वह दोबारा लड़ाकू विमान उड़ा पाएंगे।” धनोआ ने यह भी कहा कि वायुसेना को 19 फरवरी को बेंगलुरु में एअर शो के शुरू होने से पहले हवा में हुई दुर्घटना और पिछले सप्ताह कश्मीर में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना के कारणों का पता लगाना है।


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