हरियाणा में आज पहली बार लगातार दुबारा गैर कांग्रेसी मनोहर लाल खट्टर ने CM पद की शपथ ली. वैसे भी वो दुसरे व्यक्ति हैं जिन्होंने हरियाणा की बागडोर लगातार दूसरी बार सम्भाली है.
हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने सवा दो बजे भाजपा के 65 वर्षीय खट्टर को CM तथा 31 वर्षीय जजपा अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के कार्यकारी राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पंजाब के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल, दुष्‍यंत चौटाला के पिता डॉ. अजय चौटाला, हरियाणा भाजपा के प्रभारी डॉ. अनिल जैन, भाजपा के प्रदेश प्रधान सुभाष बराला. केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया सहित BJP, JJP एवं विपक्ष के अन्‍य नेता भी मौजूद थे.
चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा के लिए भाजपा के 40 विधायक ही जीत पाए थे. परिणाम आने के बाद जननायक जनता पार्टी (JJP) के 10 विधायकों एवं सात निर्दलीय विधायकों ने बिना शर्त भाजपा को समर्थन देने का एलान कर दिया और भाजपा ने 57 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा शनिवार को प्रस्तुत कर दिया था.
JJP अध्यक्ष एवं विधायक दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने इस अवसर पर कहा कि अब दो प्रोग्रेसिव सोच के लोग मिलकर हरियाणा को विकास के रास्ते पर ले जाएंगे. साथ ही कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को देवीलाल जी ने ही छोड़ दिया था, हमारा उनके साथ जाने का बनता ही नहीं. कांग्रेस ने दस साल तक प्रदेश को लूटा है. उनके जमीन लूट के मामले सबके सामने हैं.
रोहतक के निदाना गांव में 5 मई 1954 को जन्मे 65 वर्षीय मनोहर लाल खट्टर के पिता हरबंस लाल 1947 में भारत- पाकिस्तान बंटवारे के समय परिवार सहित रोहतक आकर बस गए थे. स्थानीय स्तर पर हाईस्कूल की शिक्षा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी कर मेडिकल की तैयारी करने लगे. तीन बार प्री-मेडिकल का टेस्ट दिया, लेकिन क्लीयर नहीं कर सके.
खट्टर का जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है. परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने की वजह से खट्टर के पिता और दादा को मजदूरी तक करनी पड़ी है. जैसे-तैसे करके पैसे इकट्ठे किए गए और थोड़ी जमीन खरीदकर खेती-बाड़ी शुरू की गयी. पंजाबी समुदाय के खट्टर स्वयं भी साइकिल पर सब्जियां बेचने का काम किया करते थे. 24 साल की उम्र में RSS से जुड़ गए. 1980 में उन्होंने ताउम्र शादी न करने का फैसला करते हुए RSS के प्रचारक बन गये. घरवालों के काफी विरोध के बावजूद वो अपने फैसले पर टिके रहे और RSS प्रचारक के तौर पर गुजरात, हिमांचल, जम्मू कश्मीर जैसे 12 राज्यों में 14 साल काम किया.
RSS ने 1994 में उन्हें सक्रिय राजनीति में भेज दिया. 1995 में उन्हें हरियाणा भाजपा का संगठन मंत्री बनाया गया. 1996 में उन्होंने बंसीलाल की हरियाणा विकास पार्टी के साथ गठबंधन करके भाजपा को सत्ता में भागीदार बनाया. 2014 में पहली बार करनाल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतकर हरियाणा में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने. पांच साल सफल सरकार चलाने के बाद पुनः आज हरियाणा के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली.


loading…

Loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *