चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन शोषण के आरोपों को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच में सुनवाई शुरू होते ही पुरे मामले में एक नया मोड़ आ गया. CJI के खिलाफ साजिश का दावा करने वाले अधिवक्ता उत्सव बैंस ने सील बंद लिफाफे में सीसीटीवी फुटेज सहित कुछ सबूत स्पेशल बेंच को सौंपते हुए कहा कि इस पुरे साजिश में एक बड़े कॉरपोरेट हाउस का हाथ है. बेंच ने सबूत देखने के बाद कहा कि न्यायालय हम सब से ऊपर है. अगर सुप्रीम कोर्ट में कोई फिक्सिंग रैकेट चल रहा है तो हम इसकी जड़ तक जाएंगे. हम जानना चाहते हैं कि फिक्सर कौन है?
अधिवक्ता उत्सव बैंस ने हलफनामा के साथ सबूत पेश करते हुए कहा कि CJI के खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला की ओर से पैरवी करने के लिए अजय नाम के एक व्यक्ति ने मुझे डेढ़ करोड़ रुपए का ऑफर दिया था और इस व्यक्ति ने प्रेस क्लब में CJI के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस अरेंज करने के लिए भी कहा था. साथ ही यह भी दावा किया कि एक बेहद विश्वसनीय व्यक्ति ने उन्हें बताया कि एक कॉरपोरेट शख्सियत ने अपने पक्ष में फैसला करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक जज से संपर्क किया. वहाँ असफल रहने पर उसने केस को जज की अदालत से ट्रांसफर करवाने की कोशिश की और इसमें भी असफल रहने पर “कथित फिक्सर’ के साथ मिलकर CJI के खिलाफ झूठे आरोप की साजिश रच डाली, जिससे कि उन पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा सके.
तीन सदस्यीय स्पेशल बेंच ने सबूत देखने के बाद कहा कि न्यायालय हम सब से ऊपर है. अधिवक्ता बैंस ने जैसा दावा किया है यदि इसी प्रकार फिक्सर अपना काम और न्यायपालिका के साथ हेराफेरी करते रहे तो न यह संस्था बचेगी और न ही हममें से कोई बचेगा. क्योंकि इस व्यवस्था में फिक्सिंग की कोई भूमिका नहीं है. अगर सुप्रीम कोर्ट में कोई फिक्सिंग रैकेट चल रहा है तो हम इसकी जड़ तक जाएंगे. हम इसकी जांच अंतिम निष्कर्ष तक ले जायेंगे. हम जानना चाहेंगे कि फिक्सर कौन है?
बेंच ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा कि क्या आप किसी जिम्मेदार जांच अधिकारी को चैम्बर में बुलाएंगे? क्योंकि अगर मामला सही है तो बेहद गंभीर है. बेंच ने आईबी चीफ, सीबीआई डायरेक्टर और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को अपराह्न साढ़े बारह बजे चैम्बर में आकर मिलने के निर्देश दिए और पुनः 3 बजे सुनवाई करने की बात कही. साथ ही बेंच ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ता बैंस के व्यापक साजिश के दावे पर सुनवाई और प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की आंतरिक जांच के आदेश के बीच कोई संबंध नहीं है. स्पेशल बेंच ने अटाॅर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और सालिसीटर जनरल तुषार मेहता का यह अनुरोध ठुकरा दिया कि न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल से इस मामले की जांच करायी जाये. पीठ ने कहा कि न्यायालय अभी किसी प्रकार की जांच में नहीं पड़ रहा है. हम इन अधिकारियों से गुप्त मुलाकात कर रहे हैं. हम नहीं चाहते कि कोई भी साक्ष्य सार्वजनिक हो. उधर आंतरिक जांच समिति ने आरोप लगाने वाली महिला को नोटिस जारी कर 26 अप्रैल को बुलाया.
दोपहर 3 बजे फिर सुनवाई होने पर वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि महिला वकील भी ये चाहती हैं कि न्यायालय की गरिमा बरकरार रहे, हम स्वतंत्र जांच चाहते हैं. अधिवक्ता बैंस ने एक और सील बंद लिफाफा कोर्ट को दिए तो कोर्ट ने उन्हें गुरुवार को एक और हलफनामा दायर करने का वक्त दिया. बैंस ने अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा होने की बात पूर्व में ही कोर्ट से कही थी, जिसपर बेंच ने मंगलवार को ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर को उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए थे. कोर्ट ने उत्सव की सुरक्षा जारी रखने को कहा है. मामले में कल भी सुनवाई होगी.


loading…

Loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *