F-16 जेट भारत में बनाने का ऑफर मिला, दो दिन पूर्व बोइंग ने भी यही कहा था

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हथियार निर्माता अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने ऑफर दिया है कि वो F-16 फाइटर जेट्स का प्रोडक्शन इंडिया में करेगी। सिर्फ दो दिन पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी एयरक्राफ्ट कंपनी बोइंग ने भी अपने लेटेस्ट फाइटर जेट F/A 18 सुपर हॉर्नेट को भारत में बनाने का ऑफर दिया था।
प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के तहत भारत सरकार 100 सिंगल इंजन फाइटर जेट्स भारत में बनाना चाहती है। अमेरिका की बोइंग और लॉकहीड मार्टिन के अलावा दुनिया की चार और कंपनियां इंडियन एयर फोर्स और नेवी के लिए फाइटर जेट्स देना चाहती हैं।
लॉकहीड मार्टिन के एफ 16 बिजनेस डेवलपमेंट हेड रैंडर एल होवार्ड ने भारत को यह आॅफर दिया है कि अगर उनकी कंपनी को इंडियन एयर फोर्स के लिए फाइटर जेट्स सप्लाई का ऑर्डर मिलता है तो इसके लिए स्पेशल यूनिट भारत में लगाई जाएगी, यानी ये प्लेन भारत में ही बनाए जाएंगे। F-16 फाइटर प्लेन्स भारत में बनाने की डील पूर्ण होने के लगभग करीब है।
होवार्ड के अनुसार अगर ऐसा होता है तो भारत ना सिर्फ इन जेट्स का इस्तेमाल खुद के लिए कर सकेगा बल्कि अगर वो चाहेगा तो इन्हें दूसरे देशों को भी बेचा जा सकेगा और इससे उसे आर्थिक फायदा भी होगा। फिलहाल लॉकहीड की सभी चार यूनिट अमेरिका में ही हैं। कंपनी पहली बार अमेरिका से बाहर यूनिट लगाने का प्रपोजल दे रही है। होवार्ड ने कहा कि ग्रीनविले से बाहर हम ये एयरक्राफ्ट जल्द बनाएंगे। भारत के लिए ये बहुत बड़ा मौका है। भारत ग्लोबल डिमांड्स को पूरा करने के लिए अपनी प्रोडक्शन और सर्विस लाइन बना सकता है।
दुनिया की सबसे बड़ी एयरक्राफ्ट कंपनी बोइंग भी भारत की तीनों सेनाओं को अपने लेटेस्ट फाइटर जेट F/A 18 सुपर हॉर्नेट देना चाहती है। इससे भी बड़ी बात ये है कि कंपनी ने भारत सरकार से कहा है कि अगर उसे ये कॉन्ट्रैक्ट दिया जाता है तो वो देश में अपनी प्रोडक्शन यूनिट लगाने को तैयार है। बोइंग का कहना है कि सुपर हॉर्नेट इंडियन नेवी के लिए आईडियल फाइटर जेट साबित होगा। कंपनी ने यह आॅफर दो दिन पहले ही दिया है।
बोइंग के वाइस प्रेसिडेंट डैन गिलियन ने कहा कि हम भारत में नेक्स्ट जेनरेशन फैसेलिटीज के बारे में बात कर रहे हैं। हमें लगता है कि सुपर हॉर्नेट मोस्ट एडवांस्ड जेट है और इसे भारत में ही बनाया जा सकता है।


इंडियन कैरियर्स में ऑपरेट करने के लिए सुपर हॉर्नेट में किसी मॉडिफिकेशन की जरूरत नहीं है। इसकी प्रति घंटे की उड़ान का खर्च भी कम है।
इंडियन एयरफोर्स पुराने हो चुके अपने Mig 21 जेट्स को रिप्लेस करना चाहती है। जनवरी में नेवी ने 57 मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राप्ट्स के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन जारी की थी। ये एयरक्राफ्ट इसके वॉरशिप पर तैनात किए जाने हैं। नेवी ने 17 जून को जारी आरएफआई में कहा था कि हमें ऐसे एयरक्राफ्ट चाहिए जो दिन और रात, हर मौसम और मल्टी डेक बेस्ड कॉम्बैट हों। इन्हें एयर डिफेंस और एयर टू सरफेस ऑपरेशंस में इस्तेमाल किया जा सकता हो।
फिलहाल, नेवी के पास 45 MIG-29K जेट्स हैं, जिनमें कई बार दिक्कतें पेश आई हैं। नेवी के लिए छह कंपनियों के एयरक्राफ्ट्स पर विचार चल रहा है। इनमें राफेल, सुपर हॉर्नेट, MIG-29K, F-35B and F-35 और ग्रिपन शामिल हैं। राफेल और MIG-29K दो इंजन वाले जेट्स हैं। जबकि बाकी तीन सिंगल इंजन वाले जेट हैं।
वैसे भी इंडियन आर्मी आजादी के बाद सबसे बड़े रिफॉर्म्स की तैयारी है। रिफॉर्म्स की सिफारिशों के लिए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकात्कर की चेयरमैनशिप में एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने आर्मी की कॉम्बेट कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए अहम सिफारिशें की थीं। अब ये सुधार नीचे से ऊपर तक किए जाएंगे। रक्षामंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कैबिनेट मीटिंग के बाद यह जानकारी देते हुए कहा कि कमेटी ने 99 रिकमंडेशंस की थीं। जिनमें से 65 को विचार के बाद मान लिया गया है। ये सभी रिफॉर्म्स 31 दिसंबर 2019 तक लागू कर दिए जाएंगे।

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