चुनाव आयोग ने 15 अप्रैल को 2019 चुनाव के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में चार दिग्गज नेताओं के चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया. चुनाव आयोग ने भड़काऊ भाषण के लिए पहले UP के CM योगी आदित्‍यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायवती पर प्रतिबंध लगाया तो शाम में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता मेनका गांधी और समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के चुनाव प्रचार करने पर पर भी रोक लगा दिया.
योगी आदित्यनाथ और आजम खान को 72 घंटे के लिए चुनाव प्रचार से रोका गया है तो वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती और मेनका गांधी के 48 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी गयी है. योगी आदित्यनाथ और मायावती आयोग का आदेश मंगलवार सुबह 6 बजे से प्रभावी होगा. जबकि मेनका गांधी और आजम खान पर मंगलवार सुबह 10 बजे से यह आदेश लागू होगा. चुनाव आयोग के अनुसार इन नेताओं ने प्रचार के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन किया है. आयोग ने इन नेताओं की बयानबाजियों पर संज्ञान लेते हुए इन्हें कुछ समय के लिए चुनाव प्रचार से बाहर कर दिया है.
सुलतानपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने प्रचार के दौरान मुसलमानों से कहा था कि चुनाव तो मैं जीत रही हूँ, आप भी वोट दे देना वरना फिर काम कराने आओगे तब देखना.
बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के देवबंद में चुनावी सभा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों से वोटों के लिए अपील करते हुए कहा था कि मुस्लिम समुदाय के लोग अपना वोट बंटने ना दें, सिर्फ महागठबंधन के लिए वोट दें.
आजम खान ने रामपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के अलावा अधिकारियों को ‘तनखैया’ करके संबोधित किया था. आजम खान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि अधिकारियों से डरने की जरूरत नहीं है.
योगी आदित्यनाथ ने अपने एक संबोधन में कहा था कि अगर कांग्रेस, एसपी, बीएसपी को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है. योगी ने मायावती के उस भाषण की तरफ इशारा करते हुए यह टिप्पणी की थी जिसमें मायावती ने मुस्लिमों से एसपी-बीएसपी गठबंधन को वोट देने की अपील की थी.
सोमवार सुबह ही सुप्रीम कोर्ट ने भड़काऊ भाषण पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग को फटकार लगाई गई थी. कोर्ट ने कहा था कि आयोग अब तक सिर्फ नोटिस ही जारी कर रहा है, सख्त कार्रवाई करे. इसके बाद से चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहले सीएम योगी और मायावती पर बैन लगाया, उसके बाद आजम खान और मेनका गांधी पर भी प्रतिबंध लगा दिया. आजम खान को 2014 के लोकसभा चुनाव में भी उकसाने वाले भाषण देने के आरोप में चुनाव आयोग ने उनको प्रचार करने से रोका था और उनके खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई थी.


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