चुनाव आयोग ने भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. प्रज्ञा ठाकुर को ये नोटिस 26/11 हमले में शहीद हेमांत करकरे के खिलाफ की गई टिप्पणी और सिद्धू को बिहार में मुस्लिम मतदाताओं से एक मुश्त वोट किये जाने के बयान पर नोटिस मिला है. इन्हें नोटिस का जवाब देने के लिये 24 घंटे का समय दिया गया है.
भोपाल में भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि करकरे की मृत्यु मेरे ‘श्राप’ से हुयी. हालांकि इस बयान को लेकर विवाद होने पर उन्होंने शुक्रवार को माफी मांग ली थी.
जमानत पर बाहर 48 वर्षीया प्रज्ञा ठाकोर को 2008 के मामले में कड़े महाराष्ट्र नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत आरोपों में अदालत द्वारा राहत जरुर दी गई है, लेकिन अभी भी अन्य आपराधिक प्रावधानों के तहत उनपर मुकदमा चल रहा है. बुधवार को भाजपा ने भोपाल सीट से उन्हें प्रत्याशी बनाया है, जहाँ वो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के विरुद्ध चुनाव मैदान में होंगी.
करकरे के खिलाफ दिए गए प्रज्ञा के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बवाल मच गया है. विपक्षी दलों ने इस मामले में भाजपा पर निशाना साधा है, कांग्रेस ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही माफी मांगने को कहा है. उधर भाजपा ने इसे प्रज्ञा कि व्यक्तिगत सोच बताया है.
आयोग ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को बिहार में मुस्लिम मतदाताओं के वोट बंटने को रोके जाने संबंधी एक बयान के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आयोग ने कहा कि सिद्धू ने प्रथमदृष्ट्या आदर्श आचार संहिता, चुनाव कानून और राजनीतिक प्रचार के लिये धार्मिक संदर्भों के जिक्र पर उच्चतम न्यायालय की रोक का उल्लंघन किया है.


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