चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों को एक बार फिर से झटका देते हुए लोकसभा चुनाव की मतगणना में पहले वीवीपैट की पर्चियों का ईवीएम से मिलान करने की उनकी मांग को खारिज कर दिया है. हाँलाकि ईवीएम और वीवीपैट के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के प्रतिनिधि मंडल ने आज भी चुनाव आयोग से मुलाकात की.
इसके पूर्व मंगलवार को कांग्रेस, तेदेपा, तृणमूल, बसपा समेत कुल बाईस विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर आयोग को इस संदर्भ में एक ज्ञापन सौंपा था. बाद में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि हमने आयोग से अपील की है कि अगर विधानसभा क्षेत्र में चुने गए 5 पोलिंग स्टेशनों में से कहीं भी किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो उस क्षेत्र के सभी पोलिंग स्टेशनों के वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाए तथा वेरिफिकेशन वोटों की गिनती शुरू होने से पहले की जाए, ना कि आखिरी दौर की गिनती खत्म होने के बाद.
सुप्रीम कोर्ट ने भी मंगलवार को कुछ टेक्नोक्रेट्स द्वारा शत प्रतिशत ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों के मिलान की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी. जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह की वेकेशन बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में CJI पहले ही सुनवाई कर चुके हैं. अब आप दो जजों की वेकेशन बेंच के पास मौका क्यों तलाश रहे हैं? ज्ञात है कि सीजेआई की बेंच ने 21 विपक्षी दलों द्वारा वीवीपैट और ईवीएम के 50% मिलान की मांग वाली याचिका 7 मई को खारिज कर दी थी.
उधर चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर स्ट्रांगरूम्स में रखे गये ईवीएम की सुरक्षा को लेकर विपक्ष द्वारा जाहिर की जा रही तमाम आशंकाओं को भी खारिज कर दिया है.


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