हजारों करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI ने 16 प्रदेशों में एक साथ छापेमारी की है. लगभग एक हजार अधिकारियों द्वारा एक साथ छापेमारी की यह कारवाई CBI की अबतक की सबसे बड़ी कारवाईयों में एक है.
CBI के अनुसार आरोपियों के ठिकानों से साक्ष्य इकट्ठे करने और उनसे पूछताछ करने के लिए यह कारवाई की है. इस धोखाधड़ी के कम से कम चार मामलों में एक- एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी हुई है. छापेमारी की यह कारवाई महाराष्ट्र में सर्वाधिक 58, पंजाब में 32, दिल्ली में 12, तमिलनाडु और मध्यप्रदेश में 17-17, उत्तर प्रदेश में 15, कर्नाटक में 6, आंध्र प्रदेश, गुजरात और हरियाणा में 5-5, केरल, तेलंगाना और दादर नागर हवेली में 4-4, चंडीगढ़, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 2-2 और पटना में हुयी.
हजारों करोड़ के इस बैंक फ्रॉड मामले में दिल्ली के लाल संस ज्वेलर्स करोल बाग ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 222 करोड़ 96 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गयी. कम्पनी के निदेशक राजीव पॉल सिंह वर्मा, संजय पॉल वर्मा और पूनम वर्मा ने ऋण के लिए आपराधिक साजिश रची थी. श्रीनाथजी रोलर फ्लोर मिल्स के निदेशकों ने आंध्रा बैंक से धोखाधड़ी किया था. एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों श्रीकांत भासी, दिनेश अरकोट सेल्वराज, मनीष कुमार सिंह, गगन शर्मा और जिजो जॉन ने SBI की भोपाल शाखा से 6 हजार करोड़ का ऋण लेने के लिए गलत कागजात प्रस्तुत किया था.
एनर्गो इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट लिमिटेड के निदेशकों सुजीत दास, दिनेश वी सिंह, जया सिंह के खिलाफ फर्जी दस्तावेज से 1290 करोड़ रुपये ऋण पाने का आरोप है. चेन्नई की सुराना इंडस्ट्रीज के निदेशकों दिनेश चंद सुराना, शांति लाल सुराना, गौतम लाल सुराना, विजयराज सुराना और अन्य ने 12 बैंकों के कंसोर्टियम के साथ एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का फ्रॉड किया है. बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने वाली ये सभी बड़ी मछलियों के विरुद्ध भी CBI ने अलग- अलग मामला दर्ज किया है.


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