आईपीएल शुरू होते ही जहां क्रिकेट प्रेमियों को क्रिकेट का बुखार चढ़ जाता है, वहीं सट्टेबाजों के लिए भी करोड़ों रुपए का वारा न्यारा करने का एक बड़ा साधन बन जाता है. सटोरीये पुरे देश में सक्रिय हो जाते हैं और रोजाना करोड़ों रुपयों की हेरा-फेरी शुरू हो जाती है. इसमें हर मैच के टॉस से लेकर हर बॉल पर दांव लगता है. सट्टे के इस खेल में कोई एक झटके में कंगाल तो कोई एक झटके में मालामाल होता है.
इस खेल में व्यापारियों से लेकर युवा तक शामिल हैं. सट्टा खेलाने वालों का सम्बन्ध अपराधी किस्म के लोगों से होता है. अपराधी किस्म के लोगों के जरिये ही पैसा वसूली होता है और हवाला के जरिए रुपया बड़े एजेंट तक पहुंचाया जाता है. सटोरियों को नेताओं तक का संरक्षण प्राप्त रहता है. पूरा नेटवर्क लैपटॉप, मोबाइल,वाइस रिकॉर्डर वगैरह पर ही चलता है. देश भर में नाजायज़ ढ़ंग से चलने वाले इस गोरखधंधे के खिलाफ पुलिस की कारवाई में लगातार करोड़ों रूपये बरामद हो रहे हैं, पर सट्टे का खेल पूर्ववत जारी है.
दुबई से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाये जाने का भंडाफोड़ करते हुए भोपाल पुलिस ने दस बड़े कारोबारियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1 करोड़ 15 लाख 72 हजार रुपए नकद बरामद किए. पुलिस ने आयकर विभाग को भी कार्रवाई की जानकारी दी जिसके बाद IT की टीम भी पूछताछ कर रही है. पुलिस ने वहाँ से 22 मोबाइल, 3 लैपटॉप, नोटपेड, कम्प्यूटर, सीपीयू, पेन ड्राइव और सट्टे के संदर्भ में एक डायरी भी जब्त की है.
आईपीएल मैच में सट्टे का कारोबार गिरीश नामक शख्स दुबई से ऑनलाइन चला रहा था और उसका साला भोपाल में सट्टे की बुकिंग करवा रहा था. पुलिस ने कोलार रोड के नेताजी हिल्स स्थित बेक एंड शेक के मालिक नरेश हेमदानी के घर पर छापा मारा जहाँ से 56 लाख रुपए नकद, 4 मोबाइल फोन और कम्प्यूटर मिला. सटोरिए ‘लाइव 365’ और ‘कृष्णा एक्सचेंज’ नाम की वेबसाइट के जरिए सट्टे का संचालन कर रहे थे.
वहाँ से और लोगों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सट्टा किंग गिरीश (दुबई) के साला नरेश हेमनानी के अलावे चेतन वाधवानी, संतोष वाधवानी, सतीश गोपनानी, जसपाल सिंह उर्फ पाली, जयप्रकाश मंधानी, मनोहरलाल तलरेजा, भरत सोनी, संजीत सिंह चावला और भरत राठी कोल सहित दस लोगों को गिरफ्तार किया.
दिल्ली पुलिस ने द्वारका सेक्टर-23 से आईपीएल पर सट्टा लगाने वाले चार सटोरियों दीपक (29), अमर मेहता (27), अंकित (28) और विकास (30) को अरेस्ट किया. द्वारका डीसीपी एंटो अल्फोंस के अनुसार ये लोग एक ऐप के जरिए सट्टा लगवाते थे, उनके पास से 5 मोबाइल, डेढ़ लाख से ज्यादा कैश, नोट बुक वगैरह बरामद हुए हैं. बरामद 5 में से चार मोबाइल का इस्तेमाल कॉलिंग के लिए और पांचवें पर ऐप इस्तेमाल करते थे.

इसके पूर्व मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने कांदिवली में चरकोप स्थित एक मकान में छापा मार वहां से पांच लोगों को वेबसाइटों और मोबाइल ऐप के जरिए सट्टा लगाते पकड़ा गया. आरोपियों के पास से 26 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप सहित अन्य चीजें और 91,700 रुपये नकद बरामद किए गये. गिरोह का सरगना अब्दुल कादिर गफर चुटानी एक अंतरराष्ट्रीय बुकी के संपर्क में था.
इसके तीन दिन पूर्व राजस्थान के जयपुर और गुजरात के वडोदरा में पुलिस ने आईपीएल में सट्टा लगा रहे 11 लोगों को गिरफ्तार किया था. जयपुर शहर के मुहाना एवं चित्रकूट थाना क्षेत्रों में सट्टा लगाने के आरोप में पुलिस ने दस लोगों को गिरफ्तार कर करोड़ों रूपये का हिसाब- किताब, 28 मोबाईल एवं अन्य सामान बरामद किया.
मुहाना थाना क्षेत्र में केसर नगर चौराहा के पास नरेश धनवानी ने एक फ्लैट किराए पर ले रखा था, जिसमें आईपीएल क्रिकेट मैच में सट्टेबाजी का खेल चलता था. धनवानी के फ्लैट से ऑनलाईन इलैक्ट्रोनिक उपकरणों के माध्यम से सट्टेबाजी करते सुरेश चन्द शर्मा, योगेश, एवं रणजीत सिंह को गिरफ्तार कर वहाँ से 14 मोबाईल, एक लैपटॉप, 6 चार्जर, एक एलईडी, केलकुलेटर, सट्टे के हिसाब किताब के रजिस्टर एवं 15,800 रूपये नगद बरामद किए गए. योगेश उर्फ सोनू के खिलाफ पहले भी जयपुर में विभिन्न थानों में मारपीट, फायरिंग, आर्म्स एवं डकैती के प्रयास सहित कई मामले दर्ज हैं.
चित्रकूट थाना क्षेत्र के अर्पित नगर स्थित श्याम एनक्लेव में सट्टा लगाते जयपुर के संजय खटीक, मनोज कुमार, महेश कुमार, अमित गर्ग, मृणाल बर्मन एवं कमलेश गंगवाल को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके पास से 14 मोबाईल, एक एलईडी, एक सैट टॉप बॉक्स, तीन चार्जर एवं सट्टे के हिसाब किताब की पर्चियां बरामद कीं.
इसके पूर्व गुजरात के वडोदरा में वाघोडिया रोड पर डी मार्ट के निकट एक शू गोदाम पर 13 अप्रैल की रात छापा मार मोबाइल से सट्टा लगाते राहुल सेठ को पकड़ा और उसके पास से 38 हजार 460 रुपये नकद एवं कई सामान जब्त किया.
कानपुर से सट्टेबाजी के सरगना जितेन्द्र उर्फ जीतू के साथ आशीष, सुमित, मोहित एवं हिमांशु तथा वाराणसी से अशोक सिंह, सुनील पाल एवं विक्की खान को एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया. इस क्रम में कानपुर से 2.75 लाख रुपया नगद, 5 लैपटॉप, 3 स्मार्ट टीवी, 30 मोबाइल, विदेशी मुद्रा, ऑनलाइन सट्टेबाजी के दो बॉक्स सहित कई उपकरण बरामद हुए. वाराणसी से 27.75 लाख रुपए नकद व कई मोबाइल बरामद हुए. छापेमारी के दौरान मौके से फरार अजय सिंह की फॉर्च्यूनर गाडी तथा जीतू की मर्सिडीज कार भी बरामद हुई. जीतू के माध्यम से बीस बुकी ऑनलाइन काम करते थे. जीतू की ऑनलाइन सट्टेबाजी के तार दुबई, रायपुर, अजमेर, जयपुर, मुंबई, दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आदि के सटोरियों से जुड़े होने की जानकारी भी मिली. सट्टेबाजी की धनराशि का लेनदेन हवाला के जरिए होता था. जीतू दुबई मे रहकर कई वर्षों तक ऑनलाइन काम करता था और फिर उस पैसे से उसने मुंबई, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर में करोड़ों के कई मकान खरीदे हैं.

प्रयागराज की अतरसुइया थाना पुलिस ने नौ अप्रैल को ऑन लाइन सट्टेबाजी करने वाले एक अन्य गिरोह का खुलासा कर मौके से नौ सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर तीन लाख 86 हजार 200 रुपये नगद, 20 मोबाइल, एक लैपटॉप और दो बाइकें बरामद जब्त की. मीरापुर इलाके में स्थित एक खाली प्लाट में पैसों का लेनदेन करते सट्टेबाजों प्रयागराज निवासी अंकित जायसवाल, नितिन साहू, मोनू साहू, विवेक साहू, नवनीत राय, सिन्टू केसरवानी, सचिन अग्रहरि, कौशल सोनी और अयुर गुप्ता को रंगेहाथ पकड़ा.
फरीदाबाद में एक अप्रैल की रात तीन सट्टेबाजों को पकड़ा गया. इनके पास से मिली डायरी से खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क जुआ और सट्टा खिलाने वाले सूदखोरों के संरक्षण में चल रहा है. जहाँ एनआईटी के सैकड़ों युवा हर दिन आईपीएल में सट्टा लगा रहे हैं.
कोटा पुलिस ने भी एक अप्रैल को IPL में सट्टेबाजी करने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश कर कैथूनीपोल थाना इलाके से मुख्य सट्टेबाज अनवर और उसके तीन साथी को एक मैच में 30 करोड़ 28 लाख रुपए के हिसाब के साथ पिछले 14 मैचों में लगाये गये कुल 537 करोड़ रुपए के हिसाब-किताब से भरा पेन ड्राइव और लैपटॉप के साथ पकड़ा.
बोरखेडा थाना इलाके में प्रवीण मेवाड़ा उर्फ जॉनी के नेतृत्व में चल रहे सट्टेबाजी में 13 मैचो में सवा करोड़ रुपए के सट्टे का हिसाब मिला. कुल सात सट्टेबाजों के पास से 40 मोबाइल, 2 लैपटॉप, एलईडी सहित सट्टे के लिए उपयोग में लिए जाने वाले अन्य उपकरण, तीन रजिस्टर और 40 हजार रुपए नकद बरामद किए.
वड़ोदरा में पुलिस ने एक कैफे में छापा मारकर आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े मामले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पूर्व कोच तुषार अरोठे को 18 अन्‍य लोगों के साथ गिरफ्तार किया. सभी के फोन और वाहन भी जब्‍त हुए. अरोठे के कार्यकाल में ही महिला टीम 2017 के ICC महिला वर्ल्‍ड कप के फाइनल में पहुंची थी, तुषार ने जुलाई 2018 में व्‍यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए कोच पद से इस्‍तीफा दे दिया था.
एक अप्रैल को ही नागपुर पुलिस ने दो सट्टा अड्डों पर छापा मारकर कमल कुवर सिंह, लक्ष्मण पामाजी, इमरान खान, हनीफ खान, प्रतीक मोरेश्वर मसराम, राहुल तुलसीराम, यश किशोर तिवारी, शैलेष बाबूराव, वासुदेव शंकर, अमोल रामदास, सचिन और सुरेश गेड़ाम को गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान सट्टा अड्डा संचालक मोहम्मद वसीम उर्फ गोलू मुर्गा मोहम्मद रियाज का नाम सामने आया और उसे भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. मुजफ्फरनगर में मार्च के अंतिम सप्ताह में ही सट्टेबाजी के आरोपों में पांच लोगों को छह मोबाइल और 50 हजार रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया गया था.


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