चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की नियुक्ति को एक बहुत गलत बताते हुए कांग्रेस ने इस फैसले के दुष्परिणाम की भविष्यवाणी की है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा कि- ‘बड़े खेद और जिम्मेदारी के साथ मैं कह रहा हूँ कि सीडीएस के संबंध में सरकार ने बहुत गलत कदम उठाया है. इस फैसले के दुष्परिणाम समय के साथ सामने आएंगे.
तिवारी ने ट्वीट करके यह सवाल भी किया कि रक्षामंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार को नामित करने के बाद तीनों सेनाओं के प्रमुखों की ओर से सरकार को दिए जाने वाले सैन्य सुझावों पर क्या असर होगा? क्या CDS की सलाह तीनों सेनाओं के प्रमुखों की सलाह से ज्यादा अहमियत रखेगी?
तिवारी ने आगे सवाल किया कि ‘क्या अब तीनों सेनाओं के प्रमुख रक्षा सचिव या CDS के माध्यम से रक्षा मंत्री को रिपोर्ट करेंगे? रक्षा सचिव की तुलना में CDS की शक्तियां क्या होंगी? क्या रक्षा सचिव नियम 11 के संदर्भ में रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक प्रमुख बने रहेंगे?
तिवारी ने सवाल किया कि सैन्य मामले के लिए प्रस्तावित विभाग के क्या अधिकार होंगे? क्या सेवा प्रमुखों के संबंध में CDS तीनों सैन्य संगठनों और प्रतिष्ठानों से ऊपर होंगे? सिविल सैन्य संबंधों पर CDS की नियुक्ति का क्या असर होगा?’
ज्ञात है कि कारगिल युद्ध के बाद CDS के पद की मांग उठी थी. जनरल बिपिन रावत देश के प्रथम CDS की जिम्मेदारी एक जनवरी को संभालने वाले हैं. CDS तीनों सेनाओं और सरकार के बीच समन्वयक होंगे. साउथ ब्लॉक में उनका ऑफिस होगा.


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