प्रदेश में CD Ratio o Annual Credit Plan ¼ACP) बेहतर कार्य करनेवाले बैंक शाखाओं की रैंकिंग कर उन्हें सार्वजनिक किया जायेगा. बैंकिंग व गैर-बैंकिंग संस्थानों के क्रियाकलापों में समन्वय एवं उनके अनुश्रवण हेतु अलग निदेशालय का गठन किया जायेगा.
उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 66 वीं त्रैमासिक समीक्षा बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के खाताधारियों को विशेषकर प्रदेश के 275 सुखाग्रस्त प्रखण्डों में दस हजार रू0 तक ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए. इस योजना के तहत बिहार में 3.21 करोड खाते सक्रिय हैं, जिनमें 6748 करोड़ रूपये जमा हैं.
उन्होंने सुदूर स्थित बैंकों की शाखाओं के क्रियाकलापों की समीक्षा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि CD Ratio o Annual Credit Plan ¼ACP) के क्षेत्र में अच्छा एवं खराब प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के सौ-सौ बैंक शाखाओं की रैंकिंग कर इसे सार्वजनिक किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि बैंकिंग एवं गैर बैंकिंग संस्थानों के क्रियाकलापों में समन्वय एवं उनके बेहतर अनुश्रवण हेतु वित्त विभाग के अंतर्गत सांस्थिक वित्त निदेशालय का गठन किया जायेगा, जिसमें बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जायेगी.
सुमो ने कहा कि बिहार में 17,141 ग्राहक सेवा केन्द्र कार्यरत हैं तथा अभी 5000 से अधिक आबादी वाले 209 गाँवों में बैंक की शाखायें अथवा ग्राहक सेवा केन्द्र खोले जाने बाकी हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में 1100 पंचायत सरकार भवन पुरे तौर पर बनकर कार्यरत हैं, वहाँ भी बैंक अपनी शाखायें खोल सकते हैं.


उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री श्री मोदी ने जून और जुलाई माह में सासाराम, अरवल, गोपालगंज, कटिहार और बांका में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति के कार्यकलापों की समीक्षा के क्रम में पाया कि राज्य एवं जिला स्तर पर प्रस्तुत CD R o ACP के आंकड़ों में भिन्नता है. इनमें तीस प्रतिशत तक के अंतर पाए गये. बैठक में इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया.
समीक्षा बैठक में पाया गया कि साख जमा अनुपात के मामले में कुछ बैंकों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक है. वैसे भी राष्ट्रीय औसत 78 प्रतिशत के मुकाबले प्रदेश का साख जमा अनुपात मात्र 42.43 प्रतिशत है. इस मामले में साऊथ इंडियन बैंक का 4.93%, यश बैंक का 18.35%, कर्नाटका बैंक 20.15%, पंजाब- सिंध बैंक 28.71%, SBI 29.89%, CBI 31.20%, इंडियन बैंक 32.68%, आंध्रा बैंक 33.22%, देना बैंक 33.22%, PNB 33.96%, सिंडिकेट बैंक 34.01%, इंडियन ओवरसीज बैंक 35.96%, यूनियन बैंक 36.40% तथा BOI का 37.58% मात्र है.
सुमो ने कहा कि डेयरी, पाॅल्ट्रीफर्म एवं मत्स्य प्रक्षेत्र में किसानों को कृषि ऋण की तरह 4 प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए एवं किसान क्रेडिट कार्ड योजना की तरह माॅरगेज करने की सीमा को 1 लाख रूपये से बढ़ाकर 3 लाख रूपये तक किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 2 नवंबर से मात्र 59 मिनट में 10 लाख से 1 एक करोड़ तक का लोन लोगों को दिलाने की व्यवस्था की है. जिसके माध्यम से मात्र जीएसटी रिटर्न, इनकम टैक्स रिटर्न एवं एक वर्ष के बैंक एकाउंट स्टेटमेंट के आधार पर यहां से 59 मिनट में लोन पा सकते हैं.
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 18 लाख तक के वार्षिक आमदनी वाले व्यक्ति को हाउसिंग लोन में ढ़ाई लाख रूपये सब्सिडी का प्रावधान किया है पर उसका लाभ भी प्रदेश के लोग नहीं उठा पा रहे हैं. उन्होंने “क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम” एवं “59 मिनट मे ऋण योजना” के संबंध में लोगों में जागरूकता लाने पर भी बल दिया. बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस, सहकारिता मंत्री श्री राणा रणधीर सिंह, राज्य सरकार एवं विभिन्न बैंकों के वरीय पदाधिकारी गण आदि उपस्थित थे.



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