राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ओर से स्वीकार की गयी एक संसदीय समिति की सिफारिशों के लागू होने पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध स्कूलों के छात्रों का 10वीं कक्षा तक हिन्दी पढ़ना अनिवार्य हो सकता है, साथ ही राष्ट्रपति और मंत्रियों सहित तमाम गणमान्य लोगों को हिंदी में भाषण देना पड़ सकता हैl
राष्ट्रपति ने 2011 में सौंपी गयी राजभाषा पर संसद की समिति की 9वीं रिपोर्ट की ज्यादातर सिफारिशें मान ली हैंl समिति की सिफारिश कि राष्ट्रपति और मंत्रियों सहित सभी गणमान्य व्यक्तियों, खासकर हिंदी पढ़ने और बोलने में सक्षम लोगों से अनुरोध किया जा सकता है कि वे अपने भाषण या बयान हिंदी में ही दें, राष्ट्रपति द्वारा मान ली गयी हैंl
राष्ट्रपति ने कई अन्य सिफारिशें भी स्वीकार की है, जिनमें भारतीय विमानों में पहले हिंदी और फिर अंग्रेजी में घोषणाएं करनी होंगीl विमानों में आधी अध्ययन सामग्री के तौर पर हिंदी अखबार और पत्रिकाएं होनी चाहिए, क्योंकि ‘एयरलाइनों में हिंदी की घोर अनदेखी होती हैl नागरिक उड्डयन मंत्रालय से कहा गया है कि वह इन सिफारिशों पर अमल सुनिश्चित करेl एयर इंडिया और पवन हंस हेलीकॉप्टरों के सभी टिकटों पर हिंदी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिएl
समिति ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से कहा था कि वह पाठ्यक्रमों में हिंदी भाषा को अनिवार्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाएl समिति ने अनुशंसा की थी कि पहले कदम के तौर पर CBSE और केंद्रीय विद्यालय संगठन के सभी स्कूलों में 10वीं कक्षा तक के लिए हिंदी को एक अनिवार्य विषय बनाया जाना चाहिएl
राष्ट्रपति ने समिति की यह सिफारिश भी स्वीकार की है कि मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में 100 फीसदी प्रशिक्षण सामग्री अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी उपलब्ध होनी चाहिएl यहीं पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) सहित अन्य सिविल सेवकों को प्रशिक्षण दिया जाता हैl
राष्ट्रपति की ओर से स्वीकार की गयी एक अन्य सिफारिश यह है कि गैर-हिंदी भाषी राज्यों, जहां परीक्षा या इंटरव्यू में शामिल होने के लिए छात्रों को हिंदी का विकल्प नहीं दिया जाता है, उन विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं को हिंदी में उत्तर देने का विकल्प निश्चित तौर पर देना चाहिएl यह भी कहा गया है कि सैद्धांतिक तौर पर स्वीकार इन सिफारिशों के सन्दर्भ में केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श कर एक नीति बनानी चाहिएl

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