दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से CBI ने धनशोधन मामले में करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। जैन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चार कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये का धनशोधन किया है।
CBI ने इस सिलसिले में बीते माह जैन की भूमिका को लेकर प्रारंभिक जांच (PE) का मामला दर्ज किया था। सत्येंद्र जैन को बीते सप्ताह CBI ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर गुरुवार को CBI मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। वह 1 जून को सुबह करीब 11 बजे मुख्यालय पहुंचे। CBI ने सत्येंद्र जैन से धनशोधन मामले में इस्तेमाल की गई फर्जी कंपनियों के बारे में पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार कुछ सवालों के जवाब उन्होंने सीधे तौर पर नहीं दिये।

आयकर विभाग की तरफ से CBI को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2015-16 में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चार करोड़ 63 लाख रुपये के धनशोधन में शामिल रहे हैं। इसमें प्रयास इंफो सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, अकिनचंद डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा मंगलयतन प्रोजेक्ट्स प्रा.लि.कंपनियां भी शामिल रही हैं।
सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि वर्ष 2010 से 12 के बीच 11 करोड़ 78 लाख रुपये मैसर्स इंडोमेटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से नगद राशि कोलकात्ता के एंट्री आपरेटर को दिये गए थे। बाद में यह राशि कृषि भूमि खरीद के लिए इस्तेमाल की गयी। CBI पहले भी स्वास्थ्य मंत्री के OSD की नियुक्ति के संबंध में मामला दर्ज कर चुकी है।

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