BJP ने विधायकों को दिया 100 करोड़ का ऑफर, इनकम टैक्स ऑफिसर कहां हैं : JDS नेता कुमारस्वामी

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कर्नाटक में सरकार बनाने की जंग दिलचस्प होती जा रही है. बीजेपी के सीएम कैंडिडेट बीएस येदियुरप्पा ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलकर सबसे बड़ी पार्टी होने की हैसियत से सरकार बनाने का दावा पेश किया, जिसके बाद जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने पत्रकार वार्ता करके सीधे तौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पीएम मोदी अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.
उन्होंन पीएम मोदी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, ‘ना मैं और ना ही मेरी पार्टी सत्ता चाहती है.’ जेडीएस की ओर से विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उनकी पार्टी के विधायकों को 100 करोड़ रुपए और मंत्री पद का ऑफर दिया है. कुमारस्वामी ने कहा, ‘जेडीएस विधायकों को 100 करोड़ रुपए का ऑफर दिया जा रहा है. यह कालाधन कहां से आ रहा है? उन्हें गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए और वे लोग आज पैसा ऑफर कर रहे हैं. आयकर अधिकारी कहां हैं?’
कुमारस्वामी ने कहा कि जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन के पास बहुमत के जादूई आंकड़े 112 से 4 ज्यादा विधायकों को समर्थन प्राप्त है. उन्होंने कहा कि अगर राज्यपाल वजुभाई वाला बीजेपी को पहले सरकार बनाने का न्योता भेजती है तो जेडीएस और कांग्रेस राजभवन के बाहर धरना देंगे. राज्यपाल को चाहिए कि अगर कांग्रेस-जेडीएस बहुमत साबित करने में असफल रहती है तब बीजेपी को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर राज्यपाल बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देते हैं तो वे आज ही कोर्ट जाएंगे.
उधर सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की बैठक से 25 विधायक नदारद रहे हैं. नवनिर्वाचित एमबी पाटिल कांग्रेस की बैठक छोड़कर आ गए. एमबी पाटिल ने दावा किया है कि कांग्रेस के और भी छह विधायक उनके साथ हैं. जरूरत पड़ने पर वे छह विधायक भी कांग्रेस छोड़ देंगे. उधर, जेडीएस की बैठक में भी 2 नवनिर्वाचित विधायक नहीं पहुंचे हैं. जेडीएस की बैठक में नहीं पहुंचने वाले विधायकों में राजा वेकंटप्पा और वेंकट राव हैं.
इससे पहले बीएस येदियुरप्पा ने मीडिया के सामने दावा किया कि बीजेपी 17 मई यानी गुरुवार को कर्नाटक में सरकार बना सकती है. येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल वजुभाई वाला के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. उम्मीद है राज्यपाल जल्द ही हमें सरकार बनाने का न्योता देंगे.
राज्य की 224 में से 222 विधानसभा सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर कथित चुनावी कदाचार की वजह से चुनाव टाल दिया गया, जबकि जयनगर सीट पर भाजपा प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित किया गया. चुनाव आयोग द्वारा घोषित परिणाम के अनुसार जिन 222 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराए गए थे उसमें से भाजपा ने 104 सीटों पर जीत हासिल की है. भाजपा को 2013 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले 64 सीटों का फायदा हुआ है.
वहीं, कांग्रेस ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की है. उसे पिछले चुनाव की तुलना में 44 सीटों का नुकसान हुआ है. हालांकि, उसे हासिल मतों का प्रतिशत भगवा पार्टी से लगभग दो फीसदी अधिक है. जद (एस) ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है. उसे तीन सीटों का नुकसान हुआ है, जबकि उसकी सहयोगी बसपा ने एक सीट अपनी झोली में डाली है. केपीजेपी को एक सीट मिली है, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के सिर पर जीत का सेहरा बंधा है.
जेडीएस को कांग्रेस की बी टीम बताते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ लड़े थे. जावड़ेकर ने कहा कि जेडीएस और कांग्रेस का गठबंधन अनैतिक है और हम निश्चित तौर पर कर्नाटक में सरकार बनाने जा रहे हैं. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से नौ सीटें दूर रह गई. उधर कांग्रेस ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए नाटकीय रूप से चुनाव बाद गठबंधन के तहत तीसरे नंबर की पार्टी जद (एस) को अपना समर्थन दे दिया है. त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति सामने आने के बाद सबसे बड़े दल भाजपा और चुनाव पश्चात बने कांग्रेस-जद (एस) के गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद राज्य में भावी सरकार को लेकर संशय और गहरा गया है.

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