प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या की महिमा को विश्व स्तर पर पुनः स्थापित करने के लिए UP सरकार द्वारा आयोजित पांच दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम में बिहार की लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत की गीतों ने उनके साथ ही बिहार प्रदेश ने भी खूब वाह- वाही लुटी.
अयोध्या के गुप्तार घाट पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार की सुप्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने जनकपुर में भगवान श्री राम और सीता माता के मिलन के प्रसंगों पर आधारित लोकगीतों की अद्भुत प्रस्तुति की, जिसे सुन दर्शक झूमते रहे. नीतू ने कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना ‘मंगल के दाता भगवन बिगड़ी बनाई जी’ से करने के बाद ‘राजा जनक जी के बाग में अलबेला रघुवर आयो जी’, ‘देखकर रामजी को जनक नंदिनी बाग में बस खड़ी की खड़ी रह गई’, ‘राम देखें सिया को सिया राम को चारो अँखिया लड़ी तो लड़ी रह गईं’, ‘आजु मिथिला नगरिया कमाल सखिया चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया’, ‘ए पहुना जी मिथिले में रहू ना’ जैसे बिहार के पारंपरिक लोक गीतों की लगातार प्रस्तुति की.
अयोध्या के दीपोत्सव में पूरे देश से लगभग 33 सांस्कृतिक टीमों ने भाग लिया और अपने- अपने प्रदेश से श्रीराम के जुड़ाव से संबंधित प्रसंगों की कलात्मक प्रस्तुति की. सांस्कृतिक कार्यक्रम में नीतू कुमारी ने पवित्रता और लोकआस्था के महापर्व छठ से जुड़े अनेक गीतों की भी प्रस्तुति की जिसमें “कांचे ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए, उगा हो सुरुज देवा होत भीनसरिया” जैसे लोक गीत शामिल रहे. उन्होंने श्रीराम के जन्म से संबंधित सोहर ‘धन-धन भाग्य अयोध्या के धन राजा दशरथ हो, धन्य है कौशल्या रानी के भाग्य श्री राम जी लेले जन्मआ हो’ को पेश किया, जिसपर पूरा पंडाल लगातार तालियाँ बजता रहा और अंत में सारे लोगों ने खड़े होकर जय श्रीराम से आकाश को गुंजायमान कर दिया.
नीतू कुमारी नवगीत के कार्यक्रम में नाल पर मनोज कुमार सुमन, कैसियो पर सुजीत कुमार, पैड पर हरे कृष्ण पासवान, तबला पर राजन कुमार और बैंजो पर शिवानंद कुमार ने संगत किया. इससे पहले मंच पर इंडोनेशिया की रामलीला मंडली के सदस्यों ने वहां की लोक शैली में रामकथा की आकर्षक प्रस्तुति दी.


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