भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और प्रशासकों की समिति (COA) की चार घंटों चली बैठक ICC विश्व कप में पाकिस्तान के संदर्भ में कोई अंतिम फैसला नहीं ले सकी. हालांकि उसने ICC को एक पत्र लिख क्रिकेट समुदाय से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों से संबंध खत्म करने की मांग जरुर की है.
BCCI ने अपने पत्र में वनडे वर्ल्ड कप समेत ICC की भविष्य में होने वाले प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई है. बैठक पाकिस्तान से खेलने या उसे टूर्नामेंट से बाहर करने के विषय में कोई अंतिम फैसला लेने में असमर्थ रही. COA इस मसले पर सरकार का फैसला चाहते हैं.
COA चेयरमैन विनोद राय ने कहा कि 16 जून का मैच अभी काफी दूर है. हम इस मैच पर फैसला बाद में लेंगे और इस पर सरकार से बात करेंगे. राय ने कहा कि BCCI एक पत्र ICC को लिखेगी, जिसमें वह आंतक को पनाह देने वाले देशों का बहिष्कार करने को कहेगी. हम क्रिकेट समुदाय को बताएंगे कि भविष्य में हमें उन देशों के साथ खेलने पर गंभीर फैसला लेना होगा, जहां से आतंकवाद को पनाह मिलती हो. उधर कई पूर्व खिलाड़ियों ओर अधिकारियों ने भी पाकिस्तान के साथ होने वाले मैच का बहिष्कार करने की बात कही है.
राय ने साथ ही कहा कि इस बार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का उद्घाटन समारोह नहीं होगा और उसके लिए जो बजट तय किया गया था वह पूरा पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के परिवार को दिया जाएगा.
दुबई में 25 फरवरी को ICC की तिमाही बैठक होनी है, बैठक के एजेंडे में यह मुद्दा अभी शामिल नहीं है. ICC की मुख्य कार्यकारी समिति की बैठक में राहुल जौहरी और BCCI के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी भी हिस्सा लेंगे.
भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी बड़े मुकाबले हुए हैं, भारत ने दुश्मन देश को हर बार धूल चटाई है, विश्व कप में अब तक हर बार उसे हराया है. भारत और पाकिस्तान के बीच वनडे और टी20 क्रिकेट को मिलाकर विश्व कप में कुल 11 मुकाबले हुए हैं. वनडे वर्ल्ड कप में छह मुकाबले हुए, भारत ने सभी मुकाबलों में पाकिस्तान को धूल चटाई. दोनों देशों के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पांच मैच हुए. पाकिस्तान इसमें भी कोई मैच नहीं जीत पाया. भारत चार मुकाबलों में जीता और एक मैच टाई रहा था हाँलाकि उसे भी भारत ने बॉलआउट में जीतकर पूरे नंबर हासिल किए थे.

भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप में पहला मुकाबला 1992 में हुआ, तब सचिन तेंदुलकर (54), अजय जडेजा (46) और कपिल देव (35) की बदौलत भारत ने सात विकेट पर 216 रन बनाए. इमरान खान की अगुवाई में पाकिस्तान की टीम उन दिनों बेहद ताकतवर मानी जाती थी, उसके सामने यह स्कोर छोटा लग रहा था. लेकिन मनोज प्रभाकर (2/22), कपिल देव (2/30), जवागल श्रीनाथ (2/37), सचिन और वेंकटपति राजू ने एक-एक विकेट लेकर पाकिस्तान को 173 रन पर ही समेट दिया. तेंदुलकर मैन ऑफ द मैच चुने गए थे.
दोनों के बीच विश्व कप में दूसरा मुकाबला 1996 में हुआ, बेंगलुरू में खेले गये इस क्वार्टर फाइनल में भारत ने नवजोत सिंह सिद्धू (93) और अजय जडेजा (25 गेंद पर 45) की पारियों से 287 रन बनाए. जवाब में पाकिस्तान 9 विकेट पर 248 रन ही बना सका. सिद्धू मैन ऑफ द मैच चुने गए.
इंग्लैंड में 1999 विश्व कप में भारत ने राहुल द्रविड़ (62), अजहर (59) और सचिन तेंदुलकर के 45 रन की बदौलत छह विकेट पर 227 रन बनाए. वेंकटेश प्रसाद ने 9.3 ओवर के स्पेल में पांच, जवागल श्रीनाथ ने तीन और अनिल कुंबले ने दो विकेट लेकर पाकिस्तान को 180 पर ढेर कर दिया. वेंकटेश बने प्रसाद मैन ऑफ द मैच.
पाकिस्तान ने सईद अनवर के शतक की बदौलत 2003 में भारत को 274 रन का लक्ष्य दिया. वसीम अकरम, वकार यूनुस और शोएब अख्तर के आक्रमण के सामने थे सचिन, जिन्होंने शोएब अख्तर के पहले ही ओवर में प्वाइंटर बाउंड्री पर झन्नाटेदार छक्का लगाया और 75 गेंदों पर 98 रन बनाए. भारत ने यह मैच 46वें ओवर में ही छह विकेट से जीत लिया. सचिन तेंदुलकर मैन ऑफ द मैच चुने गए.
सीधे सेमीफाइनल मुकाबले में 2011 में दोनों के मुकाबले को देखने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी भी मैदान पर थे. सचिन तेंदुलकर की 85 रन की पारी की बदौलत भारत ने 260 रन बनाए और पूरी पाकिस्तानी टीम 231 रन पर आउट हो गई. जहीर खान, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट लिए. सचिन तेंदुलकर पुनः मैन ऑफ द मैच बने.
2015 में भारत ने इस मैच में विराट कोहली (107), सुरेश रैना (74) और शिखर धवन (73) रन के डीएम पर 300 का स्कोर खड़ा किया. पाकिस्तानी टीम 47 ओवर में 224 रन बनाकर आउट हो गई. भारत के लिए मोहम्मद शमी ने चार, उमेश यादव और मोहित शर्मा ने दो-दो विकेट लिए.. विराट कोहली बने मैन ऑफ द मैच.


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