युवा ए‍थलीट हिमा दास सार्वजनिक रूप से तब रोने लगी जब उसने बताया कि अपनी माँ के बीमार रहते हुए वह देश का झन्डा उँचा करने के लिए दौड़ रही थी. एक समय ऐसा था जब हिमा दास के घर में खाने को कुछ नहीं होता था वो बाजार में नीचे गिरी हुई सब्जियां घर लती थी.
कौन बनेगा करोड़पति के एक कर्मवीर एपिसोड में वीरेंद्र सहवाग के साथ अमिताभ बच्‍चन के सामने बैठी भारतीय एथलीट हिमा दास आज साढ़े बारह लाख रूपये जितने में सफल रही पर वो अपने शुरूआती दौर में गर्म रेत पर नंगे पैर दौड़ने को मजबूर थी. आज अपनी मेहनत और लगन की बदौलत न सिर्फ भारत की शीर्ष महिला धावक बन पूरी दुनिया में अपनी धाक जमा चुकी है बल्कि स्‍पोर्ट्स का सामान बनाने वाली ख्यातिप्राप्त कंपनी एडिडास की ब्रैंड एंबेसेडर है.
असम राज्य के नगाँव जिले के कांधूलिमारी गाँव में 9 जनवरी 2000 को जन्मी हिमा की माँ जोनाली दास और पिता रणजीत दास बहुत ही साधारण परिवार के थे. भाई-बहनों से सबसे छोटी हिमा बचपन में लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थी. वो भारत के लिए फुटबॉल खेलना चाहती थी. इसी बीच जवाहर नवोदय विद्यालय के शारीरिक शिक्षक शमशुल हक की सलाह पर हिमा ने दौड़ना शुरू किया. नगाँव जिला स्तरीय प्रतियोगिता में उसने दो स्वर्ण पदक जीते. इसी दौरान ‘स्पोर्ट्स एंड यूथ वेलफेयर’ के निपोन दास की नजर हिमा पर पड़ी. उन्होंने उसके परिवार वालों को गांव से 140 किलोमीटर दूर गुवाहाटी भेजने के लिए राज़ी किया. जिसके बाद हिमा ने कभी पीछे मुडकर नहीं देखा.
आईएएएफ वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में 51.46 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीतने वाली हिमा पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं. अप्रैल 2018 के कॉमनवेल्थ खेलों (गोल्ड कोस्ट) की 400 मीटर स्पर्धा में हिमा ने 51.32 सेकेंड में दौड़ पूरी कर छठवाँ तथा 4X400 मीटर स्पर्धा में सातवां स्थान प्राप्त किया था. 2018 एशियाई खेल (जकार्ता) में हिमा ने दो दिन में दूसरी बार महिला 400 मीटर में राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ते हुए रजत पदक जीता. हाल ही में गुवाहाटी में हुई अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता.
2019 में हिमा ने पहला गोल्ड मेडल 2 जुलाई को ‘पोज़नान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स’ में 200 मीटर रेस 23.65 सेकंड में पूरा कर जीता. 7 जुलाई 2019 को पोलैंड में ‘कुटनो एथलेटिक्स मीट’ के दौरान 200 मीटर रेस को 23.97 सेकंड में पूरा करके दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया. 13 जुलाई 2019 को चेक रिपब्लिक में हुई ‘क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स’ में 200 मीटर रेस को 23.43 सेकेंड में पूरा कर तीसरा गोल्ड मेडल हासिल किया. 17 जुलाई 2019 को चेक रिपब्लिक में आयोजित ‘ताबोर एथलेटिक्स मीट’ में 200 मीटर रेस को 23.25 सेकेंड में पूरा कर चौथा गोल्ड मेडल तथा चेक गणराज्य में ही 20 जुलाई को 400 मीटर की स्पर्धा दौड़ में 52.09 सेकेंड में पांचवां स्वर्ण पदक जीता.
हिमा दास का अबतक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बात की जाये तो उसने 100 मीटर- 11.74 सेकेंड में, 200 मीटर- 23.10 सेकेंड में, 400 मीटर- 50.79 सेकेंड में तथा 4X400 मीटर रिले- 3:33.61 मिनट में पूरा किया है. 5 फुट 5 इंच लम्बी 55 किलो वजन वाली हिमा फिलहाल पीठ की चोट के चलते ट्रैक से दूर है पर उसे विश्वास है कि जल्‍द ही इस चोट से उबर कर अगले साल टोक्‍यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों की तैयारी शुरू करेगी.


loading…

Loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *