मोदी मंत्रिमंडल में अमित शाह को गृह, राजनाथ सिंह को रक्षा, निर्मला सीतारमण को वित्त एवं कॉरपोरेट तथा एस. जयशंकर को विदेश मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है.
नितिन गडकरी को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, सदानंद गौड़ा को रसायन एवं उर्वरक, राम बिलास पासवान को उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, नरेंद्र तोमर को कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, रविशंकर प्रसाद को कानून एवं न्याय, संचार और इलेक्ट्रानिक एवं सूचना, हरसिमरत कौर बादल को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, रमेश पोखरियाल निशंक को मानव संसाधन विकास, थावर चंद गहलोत को सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण तथा अर्जुन मुंडा को आदिवासी मामलों का मंत्रालय दिया गया है.
स्मृति ईरानी को महिला एवं बाल विकास तथा कपड़ा मंत्रालय, हर्षवर्धन को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रोद्योगिकी, भूविज्ञान, प्रकाश जावड़ेकर को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, पीयूष गोयल को रेल और वाणिज्य एवं उद्योग, धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात, मुख्तार अब्बास नकवी को अल्पसंख्यक कल्याण, प्रह्लाद जोशी को संसदीय मामले, कोयला और खान, महेंद्र नाथ पांडेय को कौशल विकास एवं उद्यमिता, अरविंद सावंत को भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय, गिरिराज सिंह को पशुपालन, डेयरी और मतस्य पालन तथा गजेंद्र सिंह शेखावत को जल शक्ति मंत्रालय का जिम्मा मिला है.
स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार को श्रम और रोजगार, राव इंदरजीत सिंह को सांख्यिकी, योजना और योजना क्रियान्वयन, श्रीपाद येसो नाईक आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी तथा रक्षा राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास तथा पीएमओ, कार्मिक, जन शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष के राज्य मंत्री, किरेन रिजिजु को युवा कल्याण, खेल तथा अल्पसंख्यक मामले के राज्य मंत्री, प्रह्लाद सिंह पटेल संस्कृति और पर्यटन, आरके सिंह ऊर्जा, नवीन और अक्षय ऊर्जा तथा कौशल विकास और उद्यमशीलता के राज्य मंत्री, हरदीप सिंह पुरी आवास, शहरी मामले, और नागरिक उड्डयन, वाणिज्य और उद्योग के राज्य मंत्री, मनसुख मांडविया जहाजरानी, रसायन और उर्वरक के राज्य मंत्री रहेंगे.
राज्य मंत्रियों में जनरल वीके सिंह सड़क परिवहन व राजमार्ग, अर्जुन राम मेघवाल संसदीय कार्य, भारी उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, अनुराग ठाकुर वित्त, कॉर्पोरेट मामले, फग्गन सिंह कुलस्ते इस्पात, अश्विनी कुमार चौबे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, कृष्णपाल गुर्जर सामाजिक न्याय और अधिकारिता, रावसाहेब दानवे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, किशन रेड्डी व नित्यानंद राय को गृह, पुरुषोत्तम रूपाला कृषि और किसान कल्याण, रामदास आठवले सामाजिक न्याय और अधिकारिता, साध्वी निरंजन ज्योति ग्रामीण विकास, बाबुल सुप्रियो पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन, संजीव कुमार बालियान पशुपालन, डेयरी, मत्स्यपालन, संजय धोत्रे मानव संसाधन विकास, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, सुरेश अंगड़ी रेलवे, रतनलाल कटारिया जल शक्ति, सामाजिक न्याय और अधिकारिता, वी. मुरलीधरन विदेश, संसदीय कार्य, रेणुका सिंह जनजाति मामले, सोम प्रकाश वाणिज्य और उद्योग, रामेश्वर तेली खाद्य प्रसंस्करण, प्रतापचंद्र सारंगी सूक्ष्म- लघु- मध्यम उद्यम तथा पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन, कैलाश चौधरी कृषि और किसान कल्याण एवं देबश्री चौधरी महिला और बाल विकास विभाग देखेंगी.

एस जयशंकर पहले विदेश मंत्री बने जो विदेश सचिव (जनवरी 15 से जनवरी 18 तक) रह चुके हैं. उनसे पहले विदेश सेवा में रह चुके एमसी चागला (1966-67) और नटवर सिंह (2004-05) विदेश मंत्री बने थे. कैबिनेट में 43 वर्षीय स्मृति ईरानी सबसे युवा जबकि 72 वर्षीय लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान सबसे उम्रदराज हैं. इस बार 6 महिलाओं निर्मला सीतारमण, हरसिमरत कौर बादल, स्मृति ईरानी, साध्वी निरंजन ज्योति, रेणुका सिंह और देबश्री चौधरी को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है, पिछली सरकार में 9 महिलाएं मंत्री थीं.
पूर्व विदेश सचिव एस. जयशंकर एवं ‘ओडिशा का मोदी’ कहे जाने वाले प्रताप चंद्र सारंगी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा. अमित शाह भी पहली बार केंद्रीय मंत्री बने. रामबिलास पासवान को छोड़कर सभी मंत्री आजादी के बाद जन्मे हैं. 2014 में 46 मंत्रियों ने शपथ ली थी, चुनाव से पहले मंत्रियों की संख्या 71 थी. उधर जेपी नड्डा, मेनका गांधी, महेश शर्मा, राज्यवर्धन राठौर, सुरेश प्रभु, जयंत सिन्हा कैबिनेट में नहीं आए. वैसे अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और उमा भारती भी इसबार सरकार का हिस्सा नहीं हैं.
गुरुवार शाम सात बजे नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार अपने 57 सहयोगियों के साथ पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. जिसमें 25 कैबिनेट, 9 स्वतंत्र प्रभार के तथा 24 राज्य मंत्री शामिल थे और शुक्रवार को दोपहर में सभी सहयोगियों के बीच विभाग का वितरण कर दिया गया.
मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश से 9, महाराष्ट्र से 8, बिहार से 6, मप्र से 5, कर्नाटक से 4, गुजरात- हरियाणा- राजस्थान से 3-3 तथा बंगाल- पंजाब- झारखंड से 2-2 मंत्री बनाए गए. 58 में से 12 मंत्रियों ने अंग्रेजी और 46 ने हिंदी में शपथ ग्रहण की. तेलंगाना से चुने गए सांसद जी. वहीं किशन रेड्डी ने सही उच्चारण के साथ हिंदी में शपथ ग्रहण की. हरियाणा के राव इंद्रजीत सिंह, पंजाबी भाषी हरसिमरत कौर बादल, हरदीप सिंह पुरी और सोमप्रकाश, पश्चिम बंगाल के बाबुल सुप्रियो और देबश्री चौधरी के अलावे निर्मला सीतारमण, एस. जयशंकर, सदानंद गौड़ा, प्रह्लाद जोशी, सुरेश चंद्र अंगाड़ी, और वी. मुरलीधरन ने अंग्रेजी में शपथ ली. सांकेतिक तौर पर सरकार में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है कहते हुए जदयू ने मंत्री पद ठुकरा दिया.
शपथ ग्रहण में आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ ही उद्योग जगत की नामी हस्तियां टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल, अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी, टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, एस्सार के निदेशक प्रशांत रुइया, एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख, महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, आईटीसी के सीएमडी संजीव पुरी, पेटीएम के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा तथा वेलस्पन ग्रुप के चेयरमैन और एसोचैम के प्रेसिडेंट बी के गोयनका भी समारोह में उपस्थित थे.
शपथ से पहले PM ने आज सुबह ही महात्मा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी को उनके समाधि स्थल जाकर श्रद्धांजलि दी और शहीदों को नमन करने वॉर मेमोरियल गये.



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