कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अमेठी में नामांकन के खिलाफ उनकी नागरिकता और डिग्री पर सवाल उठाते हुए आपत्ति जताई गई है. राहुल गांधी के वकील राहुल कौशिक द्वारा रिटर्निंग आफिसर से समय मांगे जाने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने शनिवार को हो रही सुनवाई 22 अप्रैल के लिए टाल दी है. वहीं अमेठी के निर्दलीय प्रत्याशी रोहित कुमार के वकील उदय चंदानी ने स्मृति ईरानी की डिग्री पर सवाल उठाते हुए भी आपत्ति दर्ज कराई है. वकील का कहना है कि 2014 में चुनाव के दौरान डिग्री अलग और फिर 2019 में यह डिग्री क्यों बताई गई?
अमेठी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिस में शनिवार को स्क्रूटनी की कार्रवाई शुरू होते ही राहुल गांधी का नाम पुकारे जाने पर अफजाल, सुरेश चंद्र, ध्रुवलाल और सुरेश कुमार कुल चार लोगों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई. जिसके बाद राहुल गांधी के वकील राहुल कौशिक ने इन आक्षेपों का खंडन करने के लिए समय मांगा और रिटर्निंग ऑफिसर राम मनोहर मिश्रा ने स्क्रूटनी की तारीख आगे बढ़ाते हुए 22 अप्रैल कर दी. इन आपत्तियों पर सुनवाई अब सोमवार को होगी.
राहुल की नागरिकता और डिग्री पर सवाल उठाते हुए अमेठी जिले के जगदीशपुर निवासी निर्दलीय प्रत्याशी ध्रुव लाल कौशल ने उनका नामांकन रद्द करने की मांग की. आरोप में कहा गया है कि राहुल गांधी का असली नाम राउल विंची है. साथ ही उनके पास ब्रिटिश नागरिकता भी है. ध्रुवलाल के वकीलों का दावा है कि राहुल गांधी ने गलत दस्तावेज देकर निर्वाचन अधिकारी को गुमराह करने की कोशिश की है.
राहुल गाँधी ने अपने दस्तावेजों में इंग्लैंड की अपनी कंपनी का जिक्र भी नहीं किया है. उन्होंने राहुल को ब्रिटेन का नागरिक बताते हुए राहुल की डिग्री पर भी सवाल उठाए. वकील ने दावा किया कि राहुल ने एफिडेविट में जिन कॉलेजों से पढ़ाई का जिक्र किया है असल में उन कॉलेजों से पढ़ाई की ही नहीं है.
इसके बाद भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि आज पूरा देश उस समय स्तब्ध रह गया जब अमेठी में राहुल गांधी के नामांकन जाँच की प्रक्रिया शुरू होने और कुछ लोगों द्वारा आपत्ति किए जाने के बाद राहुल गाँधी के वकील राहुल कौशिक स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार नहीं थे. राव ने कहा कि यह बहुत आश्चर्य की बात है कि उनकी नागरिकता को लेकर जो आपत्तियां जताई गई, उन सवालों का जवाब देने के लिए निर्वाचन कार्यालय से समय मांगा गया.
राव ने कहा कि राहुल गांधी ने 2004 के हलफनामा में कहा था कि उन्होंने इंग्लैंड की कंपनी में निवेश नहीं किया, जबकि 2005 में कंपनी (बैकऑप्स लिमिटेड) के दस्तावेजों के अनुसार राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताया गया. क्या यह भारतीय नागरिकता कानून का उल्लंघन नहीं है? अगर कोई दूसरे देश का नागरिकता लेता है तो उसकी भारतीय नागरिकता चली जाती है.
राव ने राहुल की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी शिक्षा पर कुछ संदेह के बादल मंडरा रहे हैं. 2004 में उन्हें सीनियर सेकेंडरी स्कूल का प्रमाणपत्र मिला और इसके बाद उन्होंने कैंब्रिज से एमफिल की डिग्री हासिल कर ली, जबकि इस बीच उन्होंने कुछ नहीं किया. 2009 में उन्होंने अपनी नई डिग्री फ्लोरिडा से रोलिंग्स कॉलेज से बीए की डिग्री दिखाई. तब डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स से एमफिल किया. 2014 में एमफिल की डिग्री डेवलपमेंट स्टडीज हो गई. उन्होंने कहा कि 2019 में राहुल ने बताया कि उन्होंने 1994 में बीए किया और 1995 में एमफिल. अब कौन सी ऐसी यूनिवर्सिटी है जिसने बैचलर डिग्री हासिल करने के एक साल बाद ही एफफिल की डिग्री दे दी.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दस अप्रैल को रोड शो करने के बाद अपने पुरे परिवार के साथ अमेठी सीट से नामांकन भरा था. अमेठी में 6 मई को चुनाव होना है. पुरे मामले के आलोक में कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में अमेठी में एक हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा देखने को मिलने वाला है.


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