प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की याद में उनके जन्मदिन से एक दिन पहले सौ रुपये का एक स्मारक सिक्का जारी किया.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अटलजी का जीवन आने वाली पीढ़ियों को सार्वजनिक, व्यक्तिगत और राष्ट्र जीवन के लिए समर्पण भाव के लिए हमेशा- हमेशा प्रेरणा देता रहेगा. अटलजी ने लोभ और स्वार्थ की बजाय देश और लोकतंत्र को सर्वोपरि रखा और उसे ही चुना. वह समाज के सभी वर्गों के प्रति प्यार रखने वाले सम्मानित शख्स थे. देश के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में से एक के तौर पर वो अद्वितीय वक्ता थे.
मोदी ने कहा कि उनका मन यह मानने को तैयार नहीं है कि अटलजी अब हमारे साथ नहीं हैं. राजनीतिक मंच से करीब एक दशक तक दूर रहने के बावजूद भी देश ने इतने शानदार तरीके से उन्हें विदाई दी वह काफी खास है. उन्होंने कहा कि अटलजी ने जिस पार्टी को बनाया वह सबसे बड़ी राजनीतिक दल में से एक बन गई है. अटल जी का सिक्का हमारे दिलों पर 50 वर्षों से ज्यादा चला. हमें उनकी जिंदगी से प्रेरणा लेनी चाहिए, अगर हम उनके आदर्शों पर चलते हैं तो हम भी अटल बन सकते हैं. अटलजी ने लोभ और स्वार्थ की बजाय देश और लोकतंत्र को सर्वोपरि रखा और उसे ही चुना.
प्रधानमंत्री ने कहा कि अटलजी ने सिद्धांतों और कार्यकर्ताओं के बल पर इतना बड़ा राजनैतिक संगठन खड़ा किया और काफी कम समय में देशभर में उसका विस्तार भी किया. अटलजी के बोलने का मतलब देश का बोलना और सुनने का मतलब देश को सुनना था. आज कुछ लोगों के लिए सत्ता ऑक्सीजन की तरह है, वो सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं. लेकिन अटलजी के राजनीतिक कार्यकाल का अधिकतर समय विपक्ष में बीता और उन्होंने कभी भी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया.


भारत रत्न से 2014 में सम्मानित वाजपेयीजी का इसी वर्ष 16 अगस्त को 94 साल की उम्र में निधन हो गया था, वो 2009 से ही बीमारी से जूझ रहे थे. तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने वाजपेयीजी के जन्मदिन 25 दिसंबर (1924 को ग्वालियर में)को हर वर्ष ‘सुशासन दिवस’ मनाया जाता है. संसद भवन के एनेक्सी में आयोजित समारोह में वाजपेयीजी के विशिष्ट सहयोगी और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और संस्कृति मंत्री महेश शर्मा भी मौजूद थे.
स्मारक सिक्के पर सामने की तरफ भारत का प्रतीक चिह्न अशोक स्‍तंभ और इसके नीचे देवनागिरी लिपी में ‘सत्‍यमेव जयते’ अंकित है. सिक्के की बांयी परिधि पर देवनागरी लिपि में भारत और दांयी तरफ अंग्रेजी में ‘INDIA’ लिखा है. अशोक स्‍तंभ के नीचे सिक्के का मूल्य ‘100’ अंकित है. सिक्के के दूसरी तरफ भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर और देवनागिरी व अंग्रेजी में उनका नाम जन्म और निधन के साल 1924-2018 सहित अंकित है. 35 ग्राम वाले इस सिक्के में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, पांच प्रतिशत निकिल और पांच प्रतिशत जस्ता है. 100 रुपये की कीमत वाला यह सिक्का प्रचलन में नहीं आएगा. भारत सरकार सिक्के की बुकिंग के लिए समय तय करेगी और इसे प्रीमियम दरों पर बेचा जाएगा. इसे टकसाल से सीधे भी खरीदा जा सकेगा.



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