मैं कभी सुनता था कि ‘भूंकप’ आयेगा लेकिन पांच साल में कोई भूंकप नहीं आया. सदन में ‘हवाई जहाज’ भी उड़े, लेकिन लोकतंत्र की ऊंचाई इतनी है कि कोई भी हवाई जहाज उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया और यहीं मुझे पता चला कि गले मिलना और ‘गले पड़ना’ क्या होता है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को सोलहवीं लोकसभा के अंतिम सत्र के अंतिम दिन अपने धन्यवाद भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते और चुटकी लेते हुए कहा कि हम कभी सुनते थे कि ‘भूंकप’ आएगा लेकिन पांच साल का कार्यकाल पूरा हुआ, कोई ‘भूंकप नहीं आया. उन्होंने राफेल विमान सौदे के संदर्भ में कहा कि कभी यहां हवाई जहाज उड़े. बड़े- बड़े लोगों ने हवाई जहाज उड़ाए, लेकिन लोकतंत्र की ऊंचाई इतनी है कि भूकंप को भी पचा गया और कोई भी हवाई जहाज उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया.
कांग्रेस अध्यक्ष का नाम लिए बिना उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मैं जब पहली बार यहां आया तो मुझे पता चला कि गले मिलना और गले पड़ना क्या होता है? पहली बार देखा कि सदन में आंखों से भी गुस्ताखियां होती हैं. याद रहे कि कांग्रेस अध्यक्ष गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपनी बात समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री के पास जाकर उन्हें गले लगाया था और उसके बाद अपनी सीट पर बैठ…
प्रधानमन्त्री ने कहा कि विश्व में भारत का आज एक अलग स्थान बन चूका है, जिसका पूरा यश पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाले देश के सवा सौ करोड़ देशवासियों को जाता है. हमारे पांच वर्ष के कार्यकाल में देश विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है. इसके लिए यहां बैठे सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं, क्योंकि नीति-निर्धारण का काम यहीं से हुआ. अब हम 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं. आज वैश्विक परिदृश्य में भारत का जो स्थान बना, उसके लिए 30 साल बाद 2014 में बनी पूर्ण बहुमत वाली सरकार जिम्मेवार है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सदन के सदस्य जब जनता के बीच जाएंगे, तो वे गर्व से इन पांच वर्षों में सदन द्वारा काले धन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध बनाए गए कानूनों के विषय में बता सकते हैं. इस सदन के सदस्यों ने इन्हीं पांच वर्षों में 1,400 से अधिक निष्क्रिय कानूनों को समाप्त करने का कार्य भी किया. इस सदन के सदस्यों ने पहली बार अपना वेतन न बढ़ाकर, देश के सामने एक उदाहरण पेश किया.
मोदी ने कहा कि सोलहवीं लोकसभा सबसे अधिक महिला सांसदों के लिए भी जानी जाएगी, जिनमें पहली बार 44 की संख्या में महिला सांसद चुनकर आयीं. साथ ही इस लोकसभा की न केवल अध्यक्षा बल्कि महासचिव भी महिला हैं.



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