बिहार के उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने 2019-20 के लिए 2,00,501.01 करोड़ का बजट पेश किया. इसमें सर्वाधिक पैसा शिक्षा पर व्यय दर्शाया गया है. शिक्षा मद में 20309.03 करोड़ रूपये यानी 20.31% खर्च होगा. विधानमंडल में मंगलवार को प्रस्तुत बजट में किसी नए टैक्स की घोषणा नहीं की गई है. बिहार के 11 जिलों में मेडिकल कॉलेज खुलेंगे, नालंदा में डेंटल कॉलेज का होगा निर्माण.
विधानसभा में बजट पेश करते हुए सुशील कुमार मोदी ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में बिहार को भारत सरकार, विश्व बैंक एवं अन्य संस्थानों से विभिन्न उपलब्धियों के लिए कुल ग्यारह पुरस्कार मिले हैं. राज्य का बजट आकार 2004-05 के मात्र 23,885 करोड़ रुपये से 2019-20 में नौ गुना बढ़ गया है और 2018-19 से 23,510.74 करोड़ से ज्यादा बढ़ा है.
सुशील मोदी ने कहा कि 11.3 प्रतिशत की विकास दर के साथ देश में सर्वाधिक विकास दर हासिल करने के बावजूद कुछ लोगों को विकास कहीं नजर नहीं आ रहा है. आपात स्थिति के लिए राज्य सरकार ने 875 करोड़ रुपये का सिंकिंग फंड (निक्षेप निधि) बनाया है. मुख्य सड़कों एवं ग्रामीण सड़कों के निर्माण पर 15,833.89 करोड़ और लगभग इतनी ही 15814.87 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास पर खर्च होंगे. समाज कल्याण पर 6997.63 करोड़ तथा स्वास्थ्य पर 5149.45 करोड़ रुपये खर्च होने हैं. ऊर्जा प्रक्षेत्र में 4583.13 करोड़, पीएचईडी में 3225.34 करोड़, पंचायती राज पर 3114.00 करोड़ तथा शहरी विकास एवं आवास मद में 3075.00 करोड़ रुपये व्यय करना प्रस्तावित है. प्रदेश के 11 जिलों (बक्सर, भोजपुर, छपरा, पूर्णिया, समस्तीपुर, बेगूसराय, सीतामढ़ी, वैशाली, झंझारपुर, सीवान और जमुई)में मेडिकल कॉलेज खुलेगा जबकि नालंदा में डेंटल कॉलेज खोलने की बात कही गयी है.
मोदी ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में राष्ट्रीय औसत और बिहार के औसत का फासला लगातार घट रहा है. 2008-09 से सरकार बीच में एक वर्ष छोड़ लगातार राजस्व सरप्लस बजट पेश करती आ रही है, इस बार भी 21,516 करोड़ का राजस्व सरप्लस बजट पेश किया गया. पिछले वर्ष केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में 76,172.37 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि इस वर्ष 89,121.79 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है.
बजट में मुख्यमंत्री बालिका साईकिल योजना के लिए 207.19 करोड़ रू०, (इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना के लिए 274.84 करोड़ रू०, स्नातक प्रोत्साहन योजना के लिए 200 करोड़ रू०, सर्व शिक्षा अभियान के लिए 14352.69 करोड़ रू०, मध्याह्न भोजन के लिए 2374.42 करोड़ रू० एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 490 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है. बालक/बालिका साईकिल योजनान्तर्गत 2500 रू० से बढ़ाकर 3000 रू० प्रति छात्र/छात्रा किया गया और मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के अन्तर्गत भी 1,000 रू० को बढ़ाकर 2018-19 से 1,500 रू० कर दी गई है. सैनिटरी नैपकीन के लिए 150 रू० को बढ़ाकर 2018-19 से 300 रू० कर दी गई. पटना में डा॰ ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम साईंस सिटी के भवन निर्माण, प्रदर्श एवं स्थापना हेतु 397.00 करोड़ रू० की योजना में निर्माण कार्यों (असैनिक कार्य) के लिए 208 करोड़ रू०, Exhibition कार्यों के लिए 101 करोड़ रू० तथा कॉरपस फंड के लिए कुल 88 करोड़ रू० स्वीकृत की गई है.



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