एथेनॉल से चलने वाले दो पहिया और तिपहिया वाहन जल्द ही बाज़ार में आयेंगे तथा पानी पर लैंड करने वाले हवाई जहाज़ की सेवा भी जल्द ही देश में शुरू होगी.
कृषि कुंभ के अंतिम दिन सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी 2540 करोड़ लागत वाली तीन परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद बोल रहे थे. इनमें 1285 करोड़ रुपये लागत वाली एनएच 227 ए (राम जानकी मार्ग) सिवान- मशरख- राजापट्टी- केसरिया- चकिया तक की 83.24 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण का कार्य, 1254 करोड़ रुपये की लागत से एसएच 74 के मानिकपुर- साहेबगंज- केसरिया- अरेराज तक 81.11 किलोमीटर सड़क का चार लेन का चौड़ीकरण कार्य, पूर्वी चम्पारण की एनएच 28 एवं 28 ए पर 93.91 करोड़ की लागत से महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ तीन गैन्ट्री गेट्स का पुनर्निर्माण कार्य शामिल है.
कार्यक्रम में गडकरी के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, सांसद सतीश चंद्र दूबे, राज्य पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, विधायक सचिन्द्र सिंह, एमएलसी बब्लू गुप्ता, विधायक राघव शरण पांडेय, विधायक भागीरथी देवी, विधायक विनय बिहारी, डा. लालबाबू प्रसाद, रामसिंह समेत कई विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
गडकरी ने कहा कि किसान देश की तरक्की के सबसे बड़े वाहक हैं. देश धनवान है, पर देश के नागरिक गरीब हैं. ऐसे में देश को दुनिया की महाशक्ति बनाने के लिए एनडीए की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की तरक्की की नीति बनाई है. किसान गेहूं, धान, मक्का का उत्पादन करने मात्र से प्रगति नहीं कर सकते, अब किसानों के लिए नई तकनीकी आई है. बायोकेमिकल, बायोडीजल, सीएनजी, इथनौल आदि का उत्पादन कर किसान प्रगति के पथ पर बढ़ेंगे. देश के कई हिस्सों में किसानों ने इसे अपना भी लिया है और तरक्की कर रहे हैं. बिहार के लोगों को भी इनपर विशेष काम करना होगा. केंद्र ने किसानों की प्रगति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इथनौल, बायोकेमिकल्स एवं बायोडीजल्स बनाने की अनुमति दी है. इससे उद्योगों का विस्तार होगा और यहाँ के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा.
गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक काम हो रहा है. किसानों को एमएसपी के माध्यम से उत्पाद का भाव दो गुना किया जा रहा है. किसानों को टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ना जरूरी है. वाहन कंपनियों को भी इस दिशा में लगाया गया है और एथेनॉल से चलने वाले वाहनों के कारण भी किसानों की जिन्दगी में बड़े बदलाव आयेंगे. उन्होंने कहा कि डुमरिया घाट में फ्लोटिंग टर्मिनल बनाने का काम 2019 में पूर्ण हो जाएगा. गंडक नदी के कारण यहां उद्योग स्थापित होंगे और क्षेत्र के आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा. यहाँ से फ्लोटिंग टर्मिनल के और भी प्रस्ताव आएंगे तो उनको भी मंजूरी दी जाएगी.



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