शिवराज सिंह चौहान, वसुंधरा राजे सिंधिया और रमन सिंह को भाजपा ने पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया. सत्ता गंवाने के बाद तीनों नेताओं को पार्टी ने राज्य की राजनीति से हटाकर केंद्र में बुला लिया.
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद के बैठक की पूर्व संध्या पर ये नियुक्तियां की. भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अरुण सिंह ने एक ट्वीट कर कहा कि शाह ने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को अपना उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. राष्ट्रीय परिषद की बैठक में लोकसभा चुनाव प्रचार का एजेंडा रहने की संभावना है. राजनीतिक जानकारों के अनुसार पार्टी का शीर्ष नेतृत्व लोकसभा चुनावों के मद्देनजर तीनों के अनुभव का लाभ उठाना चाहता है.
मध्य प्रदेश में 13 साल तक मुख्यमंत्री के पद पर रहे शिवराज सिंह चौहान राज्य की सीहोर सीट से विधायक हैं. पार्टी के इस फैसले को शिवराज की इच्छा के विपरीत बताया जा रहा है. चौहान ने प्रदेश की राजनीति करने की ही इच्छा जताते हुए दिसंबर में ऐलान किया था कि वो केंद्र में नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा था कि मैं मध्य प्रदेश में जीऊंगा और यही मरूंगा. राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 109 सीटें और कांग्रेस ने 114 सीटें जीती थीं.
छत्तीगढ़ में 15 साल से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहे ‘चाउर वाले बाबा’ के नाम से चर्चित डॉ. रमन सिंह को भी पार्टी ने उपाध्यक्ष बनाया है. उनके साथ ही राजस्थान में सत्ता खोने के बाद वसुंधरा राजे सिंधिया को भी राष्ट्रीय परिषद की बैठक के ठीक पहले उपाध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारी देकर राजनीति में नए संकेत दिए गये हैं.
भाजपा ‘‘मिशन 2019’’ की शुरुआत 11-12 जनवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली अब तक की सबसे बड़ी राष्ट्रीय परिषद की बैठक से करेगी. इसमें देशभर के पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘जीत’ का मंत्र देंगे. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह राष्ट्रीय परिषद की बैठक का उद्घाटन करेंगे जबकि शनिवार को बैठक के समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मिशन 2019’ के लिए पार्टी का मुख्य चुनावी नारा देंगे. राष्ट्रीय परिषद में देशभर से लगभग 12 हजार प्रमुख कार्यकर्ता जुटेंगे.



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