VVIP अगुस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर (AgustaWestland Chopper) घोटाले के आरोपी बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को CBI के स्पेशल कोर्ट ने पूछताछ के लिए पांच दिनों के लिए CBI के हिरासत में भेज दिया. दस दिसंबर को अदालत में पुनः पेश होगा. ब्रिटिश नागरिक मिशेल इस मामले में मंगलवार देर रात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया था.
मिशेल का प्रत्यर्पण भारतीय जांच एजेंसियों के साथ ही केंद्र सरकार के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे घोटालों के आरोपियों के विदेश भाग जाने और उन्हें अब तक वापस लाने में सफल नहीं होने पर सरकार की लगातार आलोचना हो रही है. UPA सरकार के दौरान फरवरी 2010 में 12 VVIP हेलीकॉप्टरों की खरीद को लेकर अगुस्ता से करार हुआ था. 3600 करोड़ रुपये के हेलीकाप्टर सौदे में बिचौलिया होने के आरोपी मिशेल (54वर्ष) को दबोचने के लिए विभिन्न एजेंसियां लंबे समय से प्रयासरत थीं.
मिशेल सौदे के तीन (मिशेल, गुइदोहश्के, कार्लो गेरोसा) बिचौलियों में से एक माना जाता है. ED ईडी के अनुसार मिशेल ने डील के एवज में दुबई की अपनी एक फर्म ‘ग्लोबल सर्विसेज’ के जरिये दिल्ली में अपनी एक मीडिया फर्म तक घूस पहुंचाई. इस मीडिया फर्म में दो भारतीय भागीदार भी थे. हालांकि मिशेल ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है.


भारत ने CBI और ED की जांच के आधार पर तमाम सबूत और दस्तावेज सौंपते हुए मिशेल के प्रत्यर्पण के लिए दुबई से 2017 में औपचारिक अनुरोध किया था और कोर्ट से गैर जमानती वारंट हासिल करने के बाद जांच एजेंसियों ने इंटरपोल से संपर्क किया.
जांच एजेंसियों का दावा है कि मिशेल सौदे में दी गई रिश्वत में अहम कड़ी है. ED ने मिशेल के खिलाफ जून 2016 में दाखिल अपने आरोपपत्र में कहा कि मिशेल को अगस्तावेस्टलैंड से 225 करोड़ रुपये मिले थे और यह राशि रिश्वत के तौर पर तमाम लोगों को बांटी गई. अगुस्तावेस्टलैंड के अनुसार यह राशि सौदे से जुड़े कार्यों को पूरा करने की एवज में दी गई थी. हाँलाकि घूसखोरी के आरोप सामने आने के बाद भारत ने एक जनवरी 2014 को इटली की कंपनी फिनमैकेनिका की सहायक ब्रिटिश कंपनी अगुस्तावेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टर का सौदा रद्द कर दिया था.
मिशेल का प्रत्यर्पण ऐसे वक्त हुआ है, जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दो दिन के दौरे पर सोमवार को UAE पहुंची और मंगलवार को वहाँ के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद से अबूधाबी में व्यापक बातचीत की है. मिशेल के दुबई से प्रत्यर्पण की कार्यवाही को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के निर्देशन में अंजाम दिया गया जबकि इसकी जिम्मेदारी CBI के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने स्वयं संभाली.



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