नेशनल हेराल्ड मामले में उच्चतम न्यायलय ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए आयकर विभाग को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नांडिज के वित्त वर्ष 2011-12 के आयकर का मूल्यांकन फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी. साथ ही न्यायालय ने अपने समक्ष मामला लंबित रहने तक विभागीय कार्यवाही पर लिए गये फैसले को लागू करने पर रोक लगाया है.
सोनिया और राहुल ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी. दस सितंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनके द्वारा दाखिल की गई याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि आयकर विभाग को टैक्स प्रक्रिया की दोबारा जांच करने का अधिकार है.
नेशनल हेराल्ड मामले की जांच भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर शुरू हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि 2010 में राहुल और सोनिया गांधी ने यंग इंडिया लिमिटेड नाम की एक कंपनी बनाई और इसके जरिए पंडित नेहरू द्वारा स्थापित एसोसिएट्स जर्नल लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों का अधिग्रहण कर गांधी परिवार ने सैकड़ों करोड़ रुपये का फायदा लिया.
यंग इंडिया कंपनी के 83.3 फीसदी शेयर राहुल और सोनिया, 15.5 फीसदी मोतीलाल वोरा और 1.2 फीसदी ऑस्कर फर्नांडीज के पास हैं. आरोपों के अनुसार यंग इंडिया के शेयर से राहुल गांधी को वित्तीय वर्ष 2011-12 के दौरान 154 करोड़ की आय हुई लेकिन उन्होंने आयकर दस्तावेजों में इसे केवल 68 करोड़ रुपये दिखाया.


सरल भाषा में नेशनल हेराल्ड केस क्या है? नेहरू जी ने “नेशनल हेराल्ड” नामक अखबार 1930 में शुरू किया और धीरे-धीरे इस अखबार ने लगभग 5000 करोड़ की संपत्ति अर्जित की. सन् 2000 में यह अखबार घाटे में चला गया, इस पर 90 करोड़ का कर्जा हो गया. नेशनल हेराल्ड के तत्कालीन डायरेक्टर्स, सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और मोतीलाल वोरा ने इसे यंग इंडिया लिमिटेड नामक एक कंपनी को बेचने का निर्णय लिया.
यंग इंडिया के डायरेक्टर्स सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, ऑस्कर फर्नांडीज़ और मोतीलाल वोरा थे. डील हुई कि यंग इंडिया, नेशनल हेराल्ड के 90 करोड़ के कर्ज़ को चुकाएगी और बदले में नेशनल हेराल्ड की अचल संपत्ति यंग इंडिया को मिलेगी. डील को फाइनल करने के लिए मोती लाल वोरा ने तत्काल मोतीलाल वोरा से बात की, वो दोनों ही कंपनियों के डायरेक्टर थे. यंग इंडिया ने कांग्रेस पार्टी से 90 करोड़ का लोन माँगा.
लोन की मांग होने पर कांग्रेस पार्टी ने एक मीटिंग बुलाई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, उपाध्यक्ष राहुल गाँधी, कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा और महासचिव ऑस्कर फर्नांडीज़ शामिल हुए. बैठक ने लोन देना स्वीकार कर लिया और कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा से यंग इंडिया के डायरेक्टर मोतीलाल वोरा ने रुपया ले लिया और नेशनल हेराल्ड के डायरेक्टर मोतीलाल वोरा को दे दिया.
इसके बाद कांग्रेस ने एक मीटिंग और बुलाई जिसमें सोनिया, राहुल, ऑस्कर और वोरा सम्मलित हुए. उन्होंने तय किया कि नेशनल हेराल्ड ने आज़ादी की लड़ाई में बहुत सेवा की है इसलिए उसके ऊपर 90 करोड़ के कर्ज़ को माफ़ कर दिया जाए और इस तरह 90 करोड़ का कर्ज माफ़ कर दिया गया. पार्टी ने कर्ज़ दिया था यंग इंडिया को, माफ किया नेशनल हेराल्ड का.



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