कथावाचक मोरारी बापू ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शीघ्र होना चाहिए. साथ ही अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बोले कि लेकिन, इसका निर्माण सभी पक्षों से समझौता और संवाद से हो, तो ठीक रहेगा.
श्रीराम कथावाचक मोरारी बापू ने मुजफ्फरपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए रामचरितमानस के एक दोहे “सिया राम मय सब जग जानी, करहू प्रणाम जोरी जुग पानी” सुनाते हुए कहा कि सीता और राम दुनिया के कण-कण में विराजमान हैं. राम स्वयं संवाद पुरुष हैं, जबकि सीता शांति हैं. ऐसे में अयोध्या में मंदिर बनना ही चाहिए. धर्म के नाम पर हर जगह संवाद होगा तो मंदिर निर्माण का मार्ग अपने आप प्रशस्त हो जाएगा, क्योंकि धर्म में विवाद का कोई स्थान ही नहीं है.


मुजफ्फरपुर से बेगूसराय के सिमरिया में आयोजित कथा के लिए रवाना होते हुए मोरारी बापू ने जात व धर्म के नाम पर देश में हो रही राजनीति के एक अन्य सवाल को टालते हुए कहा कि “मैं राजनीतिज्ञ नहीं हूँ, मैं तो श्रीराम कथावाचक हूँ”. बिहार की पवित्र भूमि पर गंगा के तट और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि पर श्रीराम कथा के लिए आए हैं. यहां के लोगों में श्रीराम के प्रति काफी श्रद्धा है. यहां के लोगों में शांति, संपन्नता और प्रसन्नता बढ़े, यही मेरी कामना है.
मोरारी बापू का सिमरिया बेगूसराय में नौ दिवसीय रामकथा सह साहित्य महाकुंभ में प्रतिदिन कथा कहेंगे. शनिवार को उद्‌घाटन करने के बाद 2400 फीट लंबे और 200 फीट चौड़े पंडाल के 100 फीट चौड़े और 70 फीट लंबे बने मंच पर व्यासपीठ से मोरारी बापू राम कथा सायं 4 बजे से 7 बजे तक और रविवार से सुबह 9.30 बजे से 1.30 बजे तक कथा कहेंगे. रविवार से शाम में साहित्यिक कार्यक्रम भी आयोजित है.



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