विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में एमसी मैरीकॉम ने यूक्रेन की हना ओखोता को 5-0 से हराने के साथ ही छठी बार स्वर्ण पदक जीत इतिहास रच दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैरी कॉम को बधाई दिया.
मैरीकॉम विश्व चैम्पियनशिप में छह गोल्ड जीतने वाली दुनिया की पहली महिला बॉक्सर बन गयी हैं. इससे पहले मैरीकॉम और प्रोफेशनल बॉक्सर बन चुकी आयरलैंड की केटी टेलर के नाम पांच-पांच गोल्ड थे, इसी कारण टेलर ने इस बार चैम्पियनशिप में भाग नहीं लिया. मुक्केबाजी के विश्व चैम्पियनशिप (महिला और पुरुष) में मैरीकॉम ने 6 पदक जीत क्यूबा के फेलिक्स सेवोन (91 किलोग्राम) की बराबरी कर ली जिन्होंने 1986 से 1999 के बीच छह स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था.
फाइनल के शुरू में दोनों खिलाड़ी सावधानी से एक दूसरे खेल को परख रहीं थीं, एकदूसरे के खिलाफ ज्यादा आक्रमण नहीं किए. दोनों ने अपने राइट पंच का अच्छा इस्तेमाल किया. मैरी ने कुछ पंच मारे तो हना ने भी अपने राइट जैब का अच्छा इस्तेमाल किया. यहाँ मैरीकॉम ने अपनी फुर्ती से हना के अधिकतर पंचों को नाकाम किया. दूसरे राउंड में दोनों खिलाड़ी आक्रमक दिखीं. दोनों ने राइट जैब के साथ फिस्ट के संयोजन से हावी होने की कोशिश की, दोनों मुक्केबाजों की रणनीति एक जैसी ही रही. हना ने अच्छे और सटीक पंच मारे पर मैरीकॉम ने उनसे दूरी बनाते हुए अपने लिए मौके बनाए और मौका मिलने पर आखिर में पंच मार कर अंक बटोरे. तीसरा राउंड शुरू होते ही मैरीकॉम ने राइट और लेफ्ट जैब के संयोजन से तीन-चार अच्छे पंच स्कोरिंग एरिया में मार जजों को प्रभावित किया और यहीं से हना बेहद आक्रामक हो गईं. एक समय मैराकॉम को उन्हें संभालना भी मुश्किल लगने लगा लेकिन अनुभवी मैराकॉम ने धैर्य बनाए रखा और जब-जब हना लापरवाह दिखीं तब- तब पंच मार अंक बनाये.


जीत के बाद मैरीकॉम काफी भावुक हो गयीं. उन्होंने कहा कि मेरे लिए बहुत मुश्किल दिन था, आप सबके प्यार से ही यह संभव हो सका. मैं वेट कैटेगरी से संतुष्ट नहीं थी, 51 किग्रा कैटेगरी ओलिंपिक में मेरे लिए मुश्किल होगा. लेकिन मैं खुश हूँ और इस जीत के लिए अपने सभी प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करती हूँ. उन्होंने यह जीत देश को समर्पित करते हुए कहा कि यह मेरे लिए महान पल है, मैं सभी की तहेदिल से शुक्रगुजार हूँ. हना से मुकाबले के बारे में उन्होंने कहा कि यूक्रेनी खिलाड़ी के खिलाफ मैच आसान नहीं था, क्योंकि वह मुझसे लंबी थी.
चैम्पियनशिप के पहले मैरीकॉम ने कहा था कि वे सौ फीसदी फिट हैं और 2020 टोक्यो ओलिंपिक में उतरेंगी. टूर्नामेंट से पहले सभी खिलाड़ियों का फिटनेस चेक करने के लिए 100 मीटर की रेस हुई थी, जिसमें वो दूसरे नंबर पर रही थीं.
मैरीकॉम ने पेंसिलवेनिया विश्व कप 2001 में रजत, तुर्की विश्व कप 2002 में स्वर्ण, रूस विश्व कप 2005 में स्वर्ण, नई दिल्ली विश्व कप 2006 में स्वर्ण, चीन विश्व कप 2008 में स्वर्ण, बारबाडोस विश्व कप 2010 में स्वर्ण और नई दिल्ली विश्व कप 2018 में स्वर्ण पदक जीते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैरी कॉम को उन्हें बधाई देते हुए ट्वीट किया कि- “महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में गोल्ड जीतने के लिए मैरी कॉम को बधाई. जिस मेहनत के साथ उन्होंने तैयारी की और वैश्विक स्तर पर अपना नाम किया है, वह बेहद प्रेरणादायक है. उनकी जीत वास्तव में विशेष है”.
साथ ही खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने मैरी कॉम को बधाई देते हुए ट्वीट किया- “शानदार मैरी, महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग का खिताब में गोल्ड जीतने के लिए बधाई. इस जीत के साथ आप पहली महिला बॉक्सर बन गई हैं जिन्होंने 6 वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीती हैं. एक जबरदस्त एथलीट की एक बेहतरीन उपलब्धि. हम सब के लिए आज गर्व का दिन है”

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading...


Loading...



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *