भाजपा के वरिष्ट नेता तथा बिहार उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपनी पुस्तक ‘लालू-लीला’ के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि मैं पिछले 48 वर्षों से लालू यादव को जानता हूँ, मैंने उनका उत्कर्ष और पराभव दोनों देखा है. वह सबसे ताकतवर नेता रहे हैं पर आज वह अपने ही कारनामों के कारण जेल में बंद हैं.
लोकनायक जयप्रकाश नारायण एवं नानाजी देशमुख की जयंती के अवसर पर विद्यापति भवन पटना में आयोजित ‘लालू लीला’ नामक पुस्तक के लोकार्पण के बाद बोलते हुए सुमो ने कहा कि मैं जितना लालू प्रसाद को जानता हूँ उतना राबड़ी देवी भी नहीं जानती. लालू से ताकतवर राजनेता देश के किसी राज्य में नहीं हुआ. उनकी एक आवाज पर लाखों लोग जुट जाते थे, लेकिन उन्होंने अपनी ताकत का दुरुपयोग अकूत संपत्ति बनाने में किया. लालू ने जो किया, उसकी परिणति यही होनी थी, आज वो जेल में हैं.
सुमो ने कहा कि चारा घोटाला में जेल जाने के बाद भी लालू प्रसाद ने कई घोटाले किये और अकूत संपत्ति बनाई. आज उनका परिवार 141 भूखंड, 30 फ्लैट और आधा दर्जन मकानों का मालिक है. मात्र 30-35 वर्ष के राजनैतिक कैरियर में क्या कोई इतनी संपत्ति अर्जित कर सकता है? लालू यादव ने संपत्ति अर्जित करने के मामले में राबर्ट वाड्रा को भी पीछे छोड़ दिया है. अपने कुकृत्यों के कारण लालू यादव तो जेल पहुंच ही गए हैं. अब राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को भी कोई नहीं बचा सकता, दोनों को जेल जाना ही पड़ेगा.
सुमो ने कहा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को बताना होगा कि महज 29 साल में वे 47 भूखंडों व 5 मकान के मालिक कैसे बन गए? कहां से उनके पास इतनी संपत्ति आई? सुमो ने नीतीश कुमार की चर्चा करते हुए कहा कि वो भ्रष्टाचार से कभी समझौता नहीं कर सकते. लालू परिवार का भ्रष्टाचार सामने आने के बाद उनका साथ रहना संभव ही नहीं था.


लोकार्पण समारोह में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन एवं राजीव प्रताप रूढी, बिहार सरकार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, ग्रामीण विकास और संसदीय कार्यमंत्री श्रवण कुमार, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के अलावे दर्जनों विधायक और पार्षद भी उपस्थित थे.
सुमो की पुस्तक ‘लालू लीला’ में राजद अध्यक्ष लालू यादव द्वारा विधायक, पार्षद, सांसद और मंत्री बनाने के एवज में कई नेताओं से जमीन-मकान दान में लिखवाये जाने का जिक्र है. भ्रष्टाचार से कमाये गये काले धन को सफेद करने के लिए BPL श्रेणी के ललन चौधरी, रेलवे के खलासी हृदयानंद चौधरी तथा भूमिहीन प्रभुनाथ यादव, चंद्रकांता देवी, सुभाष चौधरी आदि से कीमती जमीन-मकान दान के जरिये हासिल किये जाने की बात है. नौकरी तथा ठेका या अन्य लाभ पहुंचाने के एवज में भी कीमती जमीन-मकान आदि लेने की चर्चा है. पुस्तक में कई चित्र भी दिए गये हैं. अपने कालेधन से रिश्तेदारों के नाम से जमीन-मकान खरीदने और बाद में अपनी पत्नी, बेटों और बेटियों के नाम गिफ्ट करा लिये जाने के अलावे मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल कर संपत्ति बनाये जाने की भी चर्चा पुस्तक है.
पुस्तक के प्राक्कथन में केंद्रीय कानून व न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लिखा है कि सुशील मोदी की पुस्तक “लालू-लीला” लालू परिवार के भ्रष्टाचार का जीवंत दस्तावेज है. वहीं केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामले के मंत्री अरुण जेटली ने पुस्तक पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि ‘लालू-लीला’ सार्वजनिक जीवन को भ्रष्टाचारमुक्त करने का प्रामाणिक दस्तावेज है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस पुस्तक को भविष्य के लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए एक संदर्भ ग्रंथ के रूप में उपयोगी बताते हैं.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading...


Loading...



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *