अब पाकिस्‍तान ने नापाक हरकतें की तो उसकी खैर नहीं। अब वायुसना के ऐसे फाइटरों की निगाह है कि वह जानकर थरथर कांपेगा और कोई भी गुस्‍ताखी करने से सौ नहीं हजार बार सोचेगा। एयर टू एयर रिफ्यूलिंग, अतिरिक्त फ्यूल टैंक, डिजिटल कॉकपिट और हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाले घातक अस्त्र-शस्त्र दुश्‍मनों की धज्जियां उड़ा देंगे। भारतीय वायुसेना का स्ट्रैटजिक महत्व रखने वाला आदमपुर एयरफोर्स बेस अब उन्नत और अपग्रेडेड मिग 29 विमानों से लैस हो गया है। अब आदमपुर एयरफोर्स स्‍टेशन की जद में पाकिस्तान के सभी एयरफोर्स बेस आ गए हैं।
मिग 29 विमान मैक 2.3 यानी लगभग 2400 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार पर आकाश की तरफ 90 डिग्री के सीधे कोण पर उड़ान भरने वाला दुनिया का सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान है। खास बात यह है कि एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग तकनीक से लैस होने के बाद अब पाकिस्तान के तमाम एयरफोर्स बेस आदमपुर एयरफोर्स स्‍टेशन पर तैनात मिग 29 फाइटर विमानों की जद में आ गए हैं।
आदमपुर एयरफोर्स बेस के ग्रुप कैप्टन बृजेश पाल ने तमाम मिग 29 विमानों के अपग्रेडेड होने की पुष्टि की है। मिग 29 विमान 80 के दशक में भारतीय वायुसेना में शामिल किए गए थे। बीते वर्ष राष्ट्रपति ने आदमपुर एयरफोर्स बेस की मिग 29 स्क्वाड्रन को प्रेसीडेंट स्टैंडर्ड अवार्ड भी प्रदान किया था। भारतीय वायुसेना के पास 99 फल्क्रम विमान है, जिन्हें बाज के नाम से भी जाना जाता है। आदमपुर एयरफोर्स बेस पर तैनात 29 विमानों ने कारगिल ऑपरेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मिग 29 विमान किसी भी मौसम में और रात में भी सफलतापूर्वक मिशन को अंजाम देते हैं।
एयरफोर्स को ऑपरेशनल सपोर्ट देने वाले गरुड़ कमांडो भी पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के बाद मौजूदा परिस्थितियों के मुताबिक घातक प्रहार करने के लिए तैयार हैं। गरुड़ कमांडो को चांदीपुर स्थित रेजीमेंटल ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाता है। गरुड़ कमांडो पैराशूट के जरिए छलांग लगाकर जमीन पर उतर सकते हैं, पानी में तैर सकते हैं।
गरुड़ कमांडो 614 फ्लाइट के प्रभारी विंग कमांडर जगविंदर पाल ने बताया कि एक समय में जब चार गरुड़ कमांडो प्रहार करते हैं तो उनके पास इजरायल निर्मित ग्रेनेड लॉन्चर, सेमी स्नाइपर राइफल और एलएमजी जैसे घातक हथियार होते हैं। ये दुश्मन के इलाके में जाकर तबाही मचाने में महारत रखते हैं। वे दुश्मन के इलाके में निर्धारित लक्ष्य पर लेजर किरणें फेंकते हैं, जिनसे संकेत पाकर लड़ाकू विमान निर्धारित लक्ष्य पर लेजर गाइडेड बम गिरा कर उन्हें तबाह कर देते हैं। वहीं एयरफोर्स के पास रूस निर्मित पिचौरा मिसाइल सिस्टम भी है, जो दुश्मन के लड़ाकू विमानों अथवा किसी भी अकाशीय हमले को नाकाम कर सकता है।

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