भारत और अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों की हाल ही में संपन्न टू प्लस टू बैठक में दोनो देशों के साझा बयान में इस्लामाबाद के जिक्र पर पाकिस्तान बौखला गया है.
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के बीच नई दिल्ली में हुई टू प्लस टू बैठक के साझा बयान में कहा गया था कि पाकिस्तान की सरजमीं पर आतंकवादी संगठनों की सक्रियता को रोकने के लिए इस्लामाबाद का इस अहम मुद्दे से निपटना जरूरी है, ताकि पाकिस्तान की धरती का इस्तेमाल दूसरे देशों में आतंकवादी हमले करने के लिए न हो.
पाक विदेश मंत्रालय की तरफ से इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा गया है कि किसी द्विपक्षीय वार्ता के औपचारिक दस्तावेज में तीसरे देश का जिक्र करते हुए आरोप लगाना राजनयिक मानदंडों के खिलाफ है. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में भारत और अमेरिका के साझा बयान में लगाए गए आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा है कि इस मामले में पाकिस्तान के रुख से अमेरिका को अवगत करा दिया गया है.


उन्होंने कहा कि किसी तीसरे देश पर गैरजिम्मेदाराना आरोप का जिक्र राजनयिक मानदंडों के खिलाफ है. मोहम्मद फैजल ने कहा कि मुंबई हमलों का ट्रायल अभी पाकिस्तान के आतंक विरोधी न्यायालय में चल रहा है और कानून अपना काम करेगा.
मुंबई हमले (26/11) का जिक्र करते हुए अमेरिका की तरफ से यह भी कहा गया कि पाकिस्तान को मुंबई हमलों के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने के साथ- साथ पठानकोट और उरी हमलों पर भी कार्रवाई की आवश्यकता है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने कहा कि इस्लामाबाद भारत के सभी विवादित मुद्दों का हल निकालने के लिए बातचीत को तैयार है. इसके लिए ट्रैक टू डिप्लोमैसी के जरिए दोनों देशों में बातचीत जारी है.

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