भारत ने 18वें एशियन गेम्स में सर्वाधिक पदक जितना तय कर लिया है. भारत ने एशियन गेम्स के 67 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा 65 मेडल (14 गोल्ड समेत) 2010 (ग्वांगझू गेम्स) में जीते थे. भारत अब तक 13 गोल्ड समेत 65 मेडल जीत चुका है.
भारत ने एशियन गेम्स के 67 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा मेडल 2010 में जीते थे. उसने तब ग्वांगझू गेम्स में 14 गोल्ड समेत कुल 65 मेडल जीते थे. उसका इस बार यह आंकड़ा पार करना तय है. वह अब तक 13 गोल्ड समेत 65 मेडल जीत चुका है. भारत की महिला स्क्वॉश टीम और बॉक्सर अमित फाइनल में पहुंच चुके हैं. इसके अलावा पुरुष हॉकी टीम भी ब्रॉन्ज मेडल की रेस में है.
शुक्रवार को महिला हॉकी के फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम को जापान ने 2-1 से हरा दिया, फलस्वरूप भारतीय टीम को सिल्वर पर संतोष करना पड़ा. भारत की तरफ से एकमात्र गोल 25वें मिनट में नेहा गोयल ने किया. वहीं जापान की तरफ से 11वें मिनट में शिहोरी ओकावा और 44वें मिनट में कावामुरा मतोमी ने गोल किए.
पहले क्वार्टर में भारतीय टीम की शुरुआत काफी अच्छी रही, 10वें मिनट में भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन नवनीत के शॉट को जापानी गोलकीपर ने काफी अच्छे तरीके से रोका. इसके चंद सेकेंड बाद 11वें मिनट में जापान ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया और शिहोरी ओकावा ने बगैर कोई गलती किए अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिला.


दूसरे क्वार्टर के शुरुआत से जापान ने भारत पर हमला बोला, भारतीय डिफेंस पर दबाव साफ तौर पर दिख रहा था. 23वें मिनट में भारत ने जापान पर हमला बोला और 25वें मिनट में नेहा गोयल ने भारत को लिए पहला गोल कर स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया. दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों में आत्मविश्वास नजर आया, उन्होंने अच्छा खेल दिखाया.
तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की तरफ से आक्रामक खेल देखने को मिला. भारत की तरफ से 35वें और 37वें मिनट में वंदना ने गोल करने का प्रयास किया लेकिन जापानी डिफेंडर और गोलकीपर ने उनके प्रयास को विफल कर दिया. 41वें मिनट में जापान की तरफ से गोल के प्रयास को भारतीय गोलकीपर सविता ने शानदार तरीके से विफल कर दिया लेकिन खेल के आखिरी वक्त में जापान ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया और कप्तान कावामुरा मतोमी ने 44वें मिनट में गोल कर टीम का स्कोर 2-1 कर दिया.
चौथे क्वार्टर में जापान को 10 खिलाड़ी के साथ मैदान पर उतरना पड़ा. क्योंकि नायतो को ग्रीन कार्ड दिखाया गया और उन्हें कुछ देर के लिए मैदान से बाहर होना पड़ा था. दोनों टीमों की तरफ से इस क्वार्टर में आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया गया लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई. खेल के आखिरी क्षण में जापान को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारत ने उसे रोक दिया पर मैच 2-1 से गँवा दिया.
भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन एशियन गेम्स 2018 में काफी शानदार रहा. ग्रुप मुकाबले में भारत ने इंडोनेशिया को 8-0, कजाकस्थान को 21-0, दक्षिण कोरिया को 4-1, और थाइलैंड को 5-0 से तथा सेमीफाइनल में चीन की कड़ी टक्कर के बाद भी 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई. 1982 में पहली बार एशियन गेम्स (दिल्ली) में महिला हॉकी को शामिल किया गया था और भारतीय महिला टीम ने तब गोल्ड मेडल जीता था. भारत वर्ष 1998 में भी फाइनल में पहुंचा था लेकिन वहां उसे दक्षिण कोरिया के हाथों 1-2 से हार मिली. टीम ने वर्ष 2006 और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था.
भारत ने मौजूदा एशियन गेम्स में सबसे अधिक गोल्ड और मेडल एथलेटिक्स में जीते हैं. उसे एथलेटिक्स में 7 गोल्ड और 19 मेडल मिले हैं. भारत से ज्यादा गोल्ड चीन (12 गोल्ड समेत 33 मेडल) और बहरीन (12 गोल्ड समेत 25 मेडल) ही जीत सके हैं. भारत अपने एथलीटों के प्रदर्शन की बदौलत ही रिकॉर्ड तोड़ने की स्थिति में पहुंचा है. भारत के लिए एथलेटिक्स के बाद दूसरा सबसे कामयाब खेल शूटिंग रहा है. भारत को इसमें दो गोल्ड समेत 9 मेडल मिले हैं. भारत को कुश्ती में भी दो गोल्ड समेत तीन मेडल मिले हैं. भारत के खाते में फिलहाल 13 गोल्ड, 23 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज मेडल के साथ पदकों की संख्या 65 हो गई है.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading...


Loading...



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *