पटना की दो शिक्षिकाओं को घिनौने काम के लिए सजा दिलाने में छोटी सी छात्रा के हिम्मत ने बड़ी भूमिका निभाई.
सेंट जेवियर स्कूल की इन दो शिक्षिकाओं के कृत्य को बेहद गंभीर अपराध मानते हुए कोर्ट ने कहा कि- “अभिभावक अपने बच्चों को इस विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, कि उन्हें अच्छे संस्कार मिलेंगे. इसके विपरीत इन महिला शिक्षिकाओं ने अपने कर्तव्य से हट कर इस तरह का घिनौना काम किया, जो शिक्षक शब्द को कलंकित करता है”. इन शिक्षिकाओं को सजा दिलाने में शिक्षिकाओं के खिलाफ अंत तक हिम्मत से बयान देते हुए खड़ी रहने वाली छात्रा और मेडिकल रिपोर्ट की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण रही. फैसला सुनाने के दौरान कोर्ट ने शिक्षिकाओं के कृत्य को बेहद गंभीर अपराध माना.
महिला थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक 27 अक्टूबर 2016 को बच्ची को घर में परेशानी महसूस हो रही थी. उसकी मम्मी के अनुसार- जब बच्ची से पूछा तो उसने बताया कि स्कूल में बड़ी मैम और छोटी मैम छुट्टी होने के बाद वे मुझे ग्राउंड फ्लोर पर ही क्लास रूम की बगल में ले जाती थीं. वहाँ छोटी मैम कपड़े खोलती थीं और गलत हरकत करती थीं. बड़ी मैम दूर से देखती थीं और बोलती थीं कि यह गलत है, लेकिन छोटी मैम को रोकती नहीं थीं. ऐसा वह अक्सर करती थीं. बच्ची ने मजिस्ट्रियल बयान में कहा था कि मैम मीठी गोलियां भी खिलाती थीं.


प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने छात्रा की मेडिकल जांच करायी, जिसमें प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की पुष्टि हो गयी. इसके बाद पांच नवंबर को दोनों शिक्षिकाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. दोनों शिक्षिकाओं की ओर से दायर जमानत याचिका में न्यायालय से जमानत नहीं मिली. उधर पुलिस ने केस को सत्य पाते हुए कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दिया. इसके बाद पाॅक्सो न्यायालय ने दोनों को उक्त केस में दोषी माना और उन्हें सजा सुनायी.
गौरतलब है कि गांधी मैदान स्थित सेंट जेवियर स्कूल में दो शिक्षिकाओं नूतन जोसेफ व इंदु आनंद की ओर से LKG की एक छात्रा ने 27 अक्टूबर 2016 को परिजनों से अपने प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत की, परिजनों ने प्राइवेट पार्ट में जख्म के निशान देखे और चिकित्सकों को दिखाया. इसके बाद परिजनों ने दो नवंबर को स्कूल प्रशासन से लिखित शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. स्कूल प्रशासन ने परिजनों से कहा कि उनके स्कूल में इस तरह की घटना नहीं हुई है. यह कहीं बाहर हुई होगी. इसके बाद परिजनों ने तीन नवंबर, 2016 को महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी. महिला थाने में धारा 377, 34 आईपीसी एक्ट व पाॅक्सो एक्ट के सेक्शन-6 के तहत मामला दर्ज किया गया था.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading...


Loading...



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *