भारत में अब आपातकाल की पुनरावृत्ति संभव नहीं है क्योंकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् नामक राष्ट्रवादी छात्र संगठन देश के कोने-कोने में काम कर रही है। भारत सरकर के कंेद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अ० भा० वि० परिषद द्वारा बिहार के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में संपन्न हुए छात्र संघ चुनाव में निर्वाचित छात्र नेता सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।
प्रधान ने कहा कि आज एक तरफ भारत का नाम पूरे विश्व में गुंजायमान हो रहा हैं तो वहीं दूसरी तरफ देश के अंदर कुछ तत्व देश की सामाजिक व्यवस्था को चोट पहुंचाकर अराजक स्थिति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा चलाये गये विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत में गरीब किसानों और मजदूरों की जो बात सरकार कर रही है वही भारत की असली पहचान है।
प्रधान ने कहा कि पिछली सरकार ने जहां देश में भ्रष्टाचार, अराजकता, अलगाववाद, आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर जैसी समस्याओं से ग्रसित किया वहीं इस सरकार ने देश के मर्म को समझा है। प्रधान ने देश के अराजकता और खंडित करने वाली शक्तियों को आगाह करते हुए कहा कि जब तक देश के प्रति सकारात्मक भाव को लेकर सोचनेवाले छात्र-नौजवानों की श्रृंखला खड़ी रहेगी, भारत हमेशा आगे बढ़ता रहेगा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सामाजिक समसरता को स्थापित करने के लिए अपने स्थापना काल से ही प्रयासरत है। बिहार के छात्र नेतृत्व ने शुरू से ही देश को एक नई दिशा देने का काम किया है। आगामी समय में भी यहां से निकले छात्र नेता भारत के विभिन्न क्षेत्रों में देश को दिशा प्रदान करने वाले सिद्ध होंगे। आपातकाल की पुनरावृत्ति अब भारत में संभव ही नहीं है क्योंकि विद्यार्थी परिषद् जैसे छात्र संगठन देश के कोने-कोने में अपनी राष्ट्रवादी विचार के साथ काम कर रही है। देश अपने राजनीतिक एकता और अखंडता को बनाये रखने के लिए युवाओं का सहयोग चाहता है। वर्तमान केंद्र सरकार देश के युवाओं को सम्मान देकर उनके प्रतिभा के बल पर पूरे विश्व में भारत का नाम रौशन कर रही है, जबकि देश तोड़ने वाले कुछ लोग युवाओं को दिग्भ्रमित कर भारत में अराजकता एवं अलगाववाद का पोषण कर रहे हैं।
उन्होंने वर्तमान कहा कि राष्ट्रवाद के आधार पर ही भारत का विकास संभव है और राष्ट्रवादी आंदोलन को मजबूत करने के लिए देश के युवाओं को हर समय आगे रहना होगा। आने वाले समय में राष्ट्रवादी विचारधारा के पोषक देश विरोधी लोगों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम करेंगे।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आजादी का श्रेय लेने वाले लोग आज भारत के खिलाफ नारा लगाने वालों के साथ खड़े है। आपातकाल को याद करते हुए उन्होंने अपनी जेल यात्रा और छात्र आंदोलन की भूमिका के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि आपातकाल से भारत मुक्त हुआ क्योंकि तब विद्यार्थी परिषद ने छात्रों को सही नेतृत्व देने का काम किया। 1974 के पहले छोटे-छोटे मुद्दों पर छात्रों का आंदोलन हुआ करता था, लेकिन तब छात्रों ने समाज परिवर्तन के लिए जो आंदोलन किया वह आज की पीढ़ी को भी एक दिशा देने का काम कर रही है। आपातकाल को याद करते हुए कहा कि 26 जून, 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था। 1974 के छात्र आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया की कोई भी सत्ता छात्र समुदाय को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति तब ही सकारात्मक होगी जब छात्र सही उद्देश्यों के लिए काम करेंगे।
सुमो ने कहा कि आज लोकतंत्र की बात करने वाले, लोकतंत्र की दुहाई देने का हास्यास्पद काम कर रहे हैं। ये व्ही लोग हैं जिन्होंने देश के अंदर लाखों लोग को जेल में भरा, हजारों लोग को नजरबंद किया, उनपर मीसा जैसा कानून थोपा, जबरदस्ती लोगों की नसबंदी कराई, उन दिनों को याद कर आज भी के रूंह कांप उठती है, वैसे लोग लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं यह हास्यास्पद है। उन्होंने बिहार के राजनीतिक परिवेश पर प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोग जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और अपने स्वार्थ हेतु अपने आप को अशिक्षित बताते हैं वे भी बिहार का नेतृत्व करना चाहते हैं। ऐसे लोगों के हाथ से नेतृत्व को छीन कर बिहार के 12.5 करोड़ जनता का नेतृत्व पढ़े-लिखे युवाओं के हाथ में देना होगा। वैसे लोग अपने आप को राजनीत का मसीहा समझते हैं जिनकी पीढ़ियां भ्रष्टाचार और घोटालों लिप्त हैं। बिहार को शिक्षित, सुसज्जित और सकारात्मक युवाओं से उम्मीद है।
परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री आशीष चैहान ने इस अवसर पर कहा कि विद्यार्थी परिषद अपने वैचारिक आंदोलन से आज समाज के सभी क्षेत्रों में मजबूती से काम कर रही है। नये पीढ़ी के नेतृत्व के साथ सभी महाविद्यालयों में अपनी सकारात्मक सक्रियता दिखा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता अपने कर्तव्यों का पालन अगर ईमानदारी से करें तो भारतीय राजनीति और लोकतंत्र अपने सही आयामो को पूरा कर लेगा। बिहार ने हमेशा छात्र राजनीती को नई दिशा दी है। आज के छात्र नेता ही कल देश और राज्य के विकास हेतु काम करेंगे। कुछ लोग विश्वविद्यालय कैंपस में बैठकर देश के विश्वविद्यालयों को कलंकित कर रहे हैं। वहाँ भारत के विरोध में नारा लगाने वाले, भारत की बर्बादी का स्वप्न देखने वाले लोगों को विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं ने जैसे खदेड़ा है वह देश के लिए सुःखद है।

समापन सत्र में परिषद के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री श्रीनिवास ने कहा कि निर्वाचित छात्र नेता परिषद के साथ मिलकर कॉलेज कैंपस में अपने कार्यों के माध्यम से काॅलेजों में रचनात्मक गतिविधि एवं छात्रों की समस्या का समाधान कर छात्र समुदाय के विश्वास पर खरा उतरें।
उन्होंने देश के विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ चुनाव पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत के अंदर छात्र संघों की एक बहुत बड़ी भूमिका रही है। छात्र संघ ने सदैव शिक्षा में परिवर्तन के लिए संघर्ष किया है। इसका कई उदाहरण देश के कई विश्वविद्यालयों में देखने को मिलता है। छात्र संघ के निर्वाचित पदाधिकारी अपने रचनात्मक कार्यक्रम, वैचारिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश को तोड़ने वाली शक्तियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कैंपसों में ऐसे शक्तियों का मुकाबला करते हुए राष्ट्रवादी विचार को संरक्षित करने का काम कर रही है। वर्तमान केंद्र सरकार प्रतिभावान छात्र युवाओं को देश के प्रत्येक क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का काम कर रही है। छात्र युवाओं का भी कर्तव्य है कि अपनी कौशल प्रतिभा के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में परचम लहराने का काम करें।
क्षेत्रीय संगठन मंत्री निखिल रंजन ने कहा कि वर्षो बाद होने वाले छात्रसंघ चुनाव में धन बल और बाहुबल को मुंहतोड़ जवाब देते हुए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और छात्र नेता राष्ट्रवादी विचार को मजबूत किये, इसलिए ये सभी बधाई के पात्र हैं। आने वाले समय में परिषद् देश के कैंपसों में देश को तोड़ने का स्वप्न देखने वाले शक्तियों के सामने चुनौती बनकर खड़ी रहेगी। आने वाले समय में सभी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी परिषद् अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पटना विश्वविद्यालय सीनेट सदस्य पप्पू वर्मा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आने वाले समय मे पूरे बिहार में विश्वविद्यालयों में जो चुनाव होंगें उसमें राष्ट्रवादी शक्तियों की पुनः जीत होगी। अंत में छात्रसंघों की प्रभावी भूमिका को लेकर 14 प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम को भागलपुर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जयप्रीत मिश्रा, महासचिव रोहित कुमार, मिथिला विव के अध्यक्ष सूरज चैधरी, महासचिव आदित्य कुमार, बिहार विव के अध्यक्ष वसंत कुमार, महासचिव स्वर्णिमा चैहान, जयप्रकाश विव के अध्यक्ष रजनीकांत सिंह, महासचिव रंजीत कुमार, वीर कुंवर सिंह विव के अध्यक्ष अमित सिंह, महासचिव अन्नु कुमारी, पटना विव के महासचिव सुधांशु भूषण झा, बीएन मंडल विव के महासचिव आशीष झा ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रदेश मंत्री सुजीत पासवान ने किया। धन्यवाद ज्ञापन पटना विश्वविद्यालय के निर्वाचित महासचिव सुधांशु भूषण झा ने किया। इस कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री अनिल कुमार, कार्यालय मंत्री गोल्डन साह, प्रो नरेंद्र कुमार सिंह, शिव नारायण प्रसाद, डाॅ. संजीव चैरसिया, प्रमोद चंद्रवंशी, संतोष रंजन राय, संजय गुप्ता, भरत सिंह जोशी, दीपक कुमार, धनंजय गुडडू, मणिकांत मणि, विककी राय, श्रीराम शर्मा, अमित मिश्रा, रवीश राॅक, आनंद मोहन, अभिषेक कुशवाहा सहित सभी विश्वविद्यालय के निर्वाचित पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे।

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