लालू यादव के 12 ठिकानों पर CBI के छापे के एक दिन बाद शनिवार को इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने उनकी बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेष से जुड़े सैनिक फार्म, बिजवासन फार्महाउस और घिटोरनी के तीन ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापे मारे।
कुछ दिन पहले इसी मामले में ED ने मीसा भारती और उनके पति शैलेष से पूछताछ की थी। ये फार्महाउस उनके पति शैलेष कुमार और मेसर्स मीशैल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं। मीसा भारती लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद हैं।
ED के अनुसार इन ठिकानों के अलावा दो और जगहों की पहचान की गई है, जहां बाद में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। ये सर्च ऑपरेशन बीरेंद्र जैन और सुरेंद्र कुमार जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई। ED को शक है कि जैन बंधुओं ने करीब 8000 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की है। इन्होंने ही मीसा को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए दिल्ली के बिजवासन में करीब डेढ़ करोड़ का फार्म हाउस दिलाया है।
इसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में मई में भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) राजेश अग्रवाल को एन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट ने अरेस्ट किया था। इस मामले में शेल कंपनियों के कारोबारी जैन बंधुओं की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है, फिलहाल वो जेल में हैं। उन पर कई हाई-प्रोफाइल लोगों की ब्लैकमनी को व्हाइट करने का आरोप है।


जैन ब्रदर्स पर आरोप है कि उन्होंने मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार की बंद पड़ी कंपनी मीशैल पैकर्स के 10 रुपए मूल्य के 1 लाख 20 हजार शेयर 90 रुपए प्रीमियम पर खरीदे और फिर इसी पैसे का इस्तेमाल दिल्ली के बिजवासन में 1.41 करोड़ रुपए में 3 एकड़ का फार्म हाउस खरीदने में किया गया। जैन ब्रदर्स पर नेताओं और उनके परिवार वालों की ब्लैकमनी को शेल कंपनियों के जरिए लीगल करने के एवज में कमीशन लेने का आरोप है। ED ने इस फार्म हाउस को भी जब्त कर लिया है।
CBI ने शुक्रवार सुबह RJD चीफ लालू प्रसाद यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे थे। पटना में लालू-राबड़ी के घर की भी तलाशी ली गई। CBI ने 5 जुलाई को लालू, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी-आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया है। CBI के अनुसार 2006 में जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी में होटलों के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई। इससे पहले 1000 करोड़ की बेनामी प्रॉपर्टी के मामले में 16 मई को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लालू से जुड़े 22 रियल एस्टेट कारोबारियों के यहां छापेमारी की थी।
CBI के एडिशनल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के अनुसार लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित BNR होटल को IRCTC को ट्रांसफर किया। इन्हें रखरखाव और इम्प्रूव करने के लिए लीज पर देने की प्लानिंग थी। विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दिए गए टेंडर प्रोसेस में हेरफेर किया गया था। टेंडर की यह प्रॉसेस IRCTC के तत्कालीन MD पीके गोयल ने पूरी कीथी। टेंडर के एवज में 25 फरवरी, 2005 को कोचर ने 3 एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड को 1.47 करोड़ रुपए में बेच दी। बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी प्रॉपर्टी लालू की फैमिली की कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि सर्कल रेट के तहत इसकी कीमत करीब 32 करोड़ थी और मार्केट रेट 94 करोड़ रुपए था। इस बीच, लालू ने छापेमारी को बदले की कार्रवाई कहा है।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें


loading…


Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *