रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के होटल निजी कंपनियों को मुहैया कराकर उन्हें फायदा पहुंचाने के मामले में लालू यादव के बारह ठिकानों पर सुबह से जारी CBI छापेमारी के बीच आज सुबह से ही बिहार की राजनीति गरमाई हुई है। लालू प्रसाद के खिलाफ लगातार हमलावर भाजपा नेताओं ने इसे सही कदम बताते हुए कहा कि जो भी भ्रष्टाचारी है वह बच नहीं सकता, लालू के साथ जो रहा है वो तो होना ही था।
भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि सजायफ्ता लालू प्रसाद की हिम्मत ही है कि वो अपने साथ ही अपने परिवार वालों की जिन्दगी भी बर्बाद करने से कभी नहीं डरे। लालू प्रसाद में अगर हिम्मत नहीं होती तो चारा घोटाले में आरोपित हो कर जेल जाते समय अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार की छाती पर नहीं बैठाते।
यह लालू प्रसाद की हिम्मत ही है कि 750 करोड़ के चारा घोटाले में 5 साल के लिए सजायाफ्ता होने के बावजूद लूट मचा कर अपने परिजनों की जिन्दगी बर्बाद करने से वे कभी नहीं डरे। लालू यादव की हिम्मत थी कि रेलमंत्री बनने के साथ ही दोनों हाथों से भ्रष्टाचार जनित कालेधन के जरिए अकूत बेनामी सम्पति बटोरना शुरू कर दिया। विधायक, सांसद और मंत्री बनाने के लिए राजनेताओं तक से जमीन लिखवा लिया।


मोदी ने कहा कि यह लालू यादव की हिम्मत ही है कि उन्होंने BPL ललन चौधरी, रेलवे के खलासी हृदयानंद चौधरी और प्रभुनाथ यादव जैसे गरीब तक से करोड़ों की जमीन दान ले ली। आधे दर्जन मुखौटा कम्पनियों के जरिए करोड़ों की बेनामी सम्पति बेटों-बेटियों के नाम पर बटोर लिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि महागठबंधन सरकार के सबसे बड़े घटक राजद अध्यक्ष एक राजनीतिक परिवार के मुखिया हैं और इस परिवार से आने वाले उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और तेजप्रताप को उनके कई ठिकानों पर IT की रेड होने के बावजूद न उन्हें अपने आर्थिक अपराध पर कोई शर्म आती है, न मुख्यमंत्री अपने दागी सहयोगी से इस्तीफा मांगते हैं।
बहुमत के अहंकार में चूर लोग लोकतंत्र से लोकलाज को धो-पोछ कर मिटा देने पर आमादा हैं। अब भी नीतीश में राजनीतिक मर्यादा बची है तो लालू के दोनो मंत्रीपुत्रों को बर्खास्त सरकार की इज्जत बचा लें।

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