भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आप द्वारा फर्जी कंपनियों के जरिए दो करोड़ रुपए का चंदा लेने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।
पार्टी IT डिपार्टमेंट को इस चंदे का हिसाब नहीं दे पाई थी, जिसके बाद ED ने जांच शुरू की। IT ने इसे पार्टी की इनकम मानते हुए टैक्स चुकाने का ऑर्डर दिया था। संभव है कि अब ED आप की दो करोड़ कीमत की प्रॉपर्टी जब्त कर ले।
दिल्ली के बिजनेसमैन मुकेश शर्मा ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उसने आप के फंड में 2 करोड़ रुपए दिए थे। केजरीवाल ने इसे रिट्वीट किया। उसने कहा था कि- आप को चंदा देने वाली जिन 4 कंपनियों को फर्जी करार दिया जा रहा है, वो मेरी हैं। मैंने 31 मार्च, 2014 को 2 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट दिए थे। उस वक्त आम आदमी पार्टी को काफी पब्लिक सपोर्ट मिल रहा था। सबको अन्ना के साथ देखा तो हमनें सोचा कि चंदा देकर देश के लिए कुछ तो कर लें। केजरीवाल को नहीं जानता था, डोनेशन देने के लिए पार्टी के सेक्रेटरी पंकज गुप्ता और खजांची संजू से मिला था। मुझे पार्टी से काफी उम्मीदें थीं।

इस पर कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया कि- केजरीवाल ने कारोबारी मुकेश शर्मा का वीडियो वायरल किया, केजरीवाल रिटायर्ड IRS है, कानून जानते है। कल जवाब देंगे? 19 मई को पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर हवाला कारोबार का आरोप लगाया था। पार्टी के चंदे में गड़बड़ियों पर उन्होंने कहा था कि- ”आप नेताओं ने दिल्ली के कारोबारी मुकेश शर्मा का वीडियो वायरल कर सोशल मीडिया में झूठ फैलाया। फर्जी कंपनियों के जरिए 2 करोड़ चंदा देने वाले शख्स को बचाने के लिए केजरीवाल अब कारोबारी को मोहरा बना रहे हैं। ये सभी बड़े लोग हैं, खुलासे के बाद मेरी हत्या भी कराई जा सकती है।”
कपिल मिश्रा ने एक प्रेसकॉन्फ्रेंस में दावा किया था, ”आप ने फर्जी लेटरहेड बनाकर मुकेश को 4 कंपनियों का डायरेक्टर बताया, जबकि चंदा देते वक्त दो में वो डायरेक्टर नहीं थे। सिर्फ दो लेटर्स पर मुकेश के साइन हैं, रात 12 बजे क्यों एक साथ चार कंपनियों ने 50-50 लाख रुपए भेजे?” आप का हवाला नेटवर्क सामने आ चुका है। केजरीवाल देश के बड़े हवाला माफिया हैं, उन्होंने फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों का चंदा लेकर कालाधन सफेद किया। अब इनकम टैक्स को गुमराह करने के लिए मुकेश को बलि का बकरा बना रहे हैं। केजरीवाल हर हाल में जेल जाएंगे।”

2014 में चार ड्राफ्ट के जरिए मिली 2 करोड़ की रकम को आप ने रिकॉर्ड में डोनेशन के तौर पर पेश किया था। एक NGO ने आप पर फर्जी कंपनियों और गलत तरीके से चंदा लेने का आरोप लगाया। इनकम टैक्स से भी शिकायत की, IT ने 2 करोड़ का हिसाब मांगा। 9 मई को IT ने बताया कि- ”50-50 करोड़ के चार ड्राफ्ट कहां से मिले, आप ने इसकी जानकारी नहीं दी। जांच में ड्राफ्ट देने वाली कंपनियां भी फर्जी पाई गईं।”
IT को दिए आप के कागजातों में कई गड़बड़ियां सामने आईं। सभी पार्टियों को चंदे की सालाना रिपोर्ट EC और ITमें जमा करानी होती है। दूसरी ओर, 5 मई को विदेशी फंडिंग पर होम मिनिस्ट्री ने आप से जवाब मांगा। शक है कि चंदा जुटाने में फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट का वॉयलेशन हुआ।
9 मई को दिल्ली BJP के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि आप ने IT को बताया कि हमें 50 करोड़ 64 लाख रुपए चंदे को तौर पर मिले हैं। अब वेबसाइट पर लिख रहे हैं कि 30 करोड़ 42 लाख मिले। ये 20 करोड़ कहां चला गया। वहीं, केजरीवाल इलेक्शन कमीशन से कहते हैं कि हमें तो सिर्फ 6 करोड़ चंदा मिला, ऐसी पार्टी की मान्यता फौरन खत्म की जाए।

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