लंबी बीमारी के बाद गोवा के मुख्‍यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निध हो गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर उनके निधन पर अपनी संवेदना प्रकट की. सोमवार 11 बजे केंद्रीय कैबिनेट उन्हें श्रद्धांजलि देगी.
कुछ देर पहले ही मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर बताया था कि उनकी हालत बेहद गंभीर है, डॉक्‍टर अपनी ओर से इलाज की पूरी कोश‍िश कर रहे हैं. पर्रिकर पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे. पिछले साल से उनका गोवा, मुंबई, अमेरिका और दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था. उनके घर के बाहर लोगों का हुजूम लग गया है. गोवा की राजधानी पणजी में उनके घर के बाहर भारी संख्‍या में पुलिस बल तैनात है.
उनकी बीमारी के बीच ही गोवा में भारी राजनीति‍क उथल पुथल मची हुई है. कांग्रेस ने गोवा में सरकार बनाने का दावा पेश किया हुअा है. उनकी बीमारी का बहाना बनाकर कांग्रेस की ओर से कई बार आरोप भी लगाए गए. इसके बाद पिछले दिनों उनके स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार हुआ था. वह कुछ जगह सार्वजनिक रूप से भी दिखाई दिए थे. हालांकि नेतृत्‍व परिवर्तन के मुद्दे पर भाजपा ने पर्रिकर पर ही भरोसा दिखाया और तमाम दबाव के बावजूद उन्‍हें मुख्यमंत्री पद से नहीं हटाया गया.
पर्रिकर अग्न्याशय की बीमार से पीड़ित थे और एम्स नई दिल्ली में इलाज कराने के बाद पिछले साल अक्टूबर में अपने घर लौट गए थे और वहीं से अपना इलाज करा रहे हैं. राज्य में लौटने के बाद पर्रिकर ने कुछ ही आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था और सार्वजनिक तौर पर कम ही दिखते थे. कुछ माह पूर्व जब वो एक पुल का काम देखने गए थे, तब उनकी तस्वीर काफी वायरल हुई थी.
मनोहर पर्रि‍कर के बीमारी से जूझने के दौरान ही कांग्रेस और भाजपा के साथी दल दबाव बना रहे थे. कांग्रेस ने तो अपनी सरकार बनाने का दावा ही पेश कर दिया है. सरकार में साझीदार गोमांतक पार्टी भी दबी जुबान से नेतृत्‍व परिवर्तन की मांग करती रही है.
पर्रिकर के स्वास्थ्य को लेकर शनिवार को गोवा प्रदेश अध्यक्ष विनय तेंदुलकर की अध्यक्षता में भाजपा विधायकों और पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई थी. उसके बाद डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने कहा कि बैठक में किसी ने भी लीडरशिप में बदलाव की मांग नहीं की है. हम पर्रिकर के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, लेकिन उनके बचने की उम्मीद बेहद कम है, क्योंकि वे बेहद बीमार चल रहे हैं. अगर कुछ होता है तो लीडरशिप में जो भी बदलाव होगा, वह भाजपा से ही होगा.
लोबो ने यह भी बताया था कि पर्रिकर शुक्रवार रात में काफी बीमार हो गए, ऐसे में भाजपा ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई. डॉक्टरों को पर्रिकर की हालत में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है और वे रिकवरी नहीं कर पा रहे हैं.
पर्रिकर ने इस बार बजट सत्र में हिस्सा लिया और 30 जनवरी को बजट पेश किया था. इसके अगले ही दिन वे इलाज के लिए दिल्ली एम्स चले गए और 5 फरवरी को गोवा लौते. पर्रिकर को पिछले कुछ समय में जब भी देखा गया, वह चिकित्सीय उपकरणों के साथ नजर आते थे, नासोगेस्ट्रिक ट्यूब उनके चेहरे पर लगी रहती थी.


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