बैंकों के हजारों करोड़ लेकर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर बड़ी कामयाबी मिलने के बाद मोदी सरकार, देश में घोटाला कर विदेश में जा बसे 58 भगोड़ों को वापस लाने में जुट गयी है.
केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, ललित मोदी, यूरोपियन बिचौलिए गुईडो राल्फ हाश्चके, कार्लो गेरोसा, नितिन और चेतन संदेसरा आदि उन 58 आर्थिक भगोड़ों को जो विदेश में रह रहे हैं, उन्हें देश वापस लाने के लिए विभिन्न देशों से प्रत्यर्पण की मांग, इंटरपोल से रेड कार्नर और लुक आउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया गया है. सरकार के साथ ही विभन्न जांच एजेंसियों यथा प्रवर्तन निदेशायलय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने यूएई, ब्रिटेन, बेल्जियम, मिस्र, अमेरिका और एंटीगुआ को प्रत्यर्पण संबंधी अनुरोध भेजे हैं.
विदेश मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दिए गए विस्तृत जवाब में बताया गया है कि सरकार ने VVIP चॉपर घोटाले के बिचौलिए गुईडो हाश्चके और कार्लो गेरोसा को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए इटली को इसी वर्ष अक्तूबर में पुनः प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया है. इससे पहले CBI ने नवंबर 2017 में गेरोसा के लिए और जनवरी 2018 में हाश्चके के लिए प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था, जिसे इटली के प्राधिकारियों ने वापस कर दिया था.
सऊदी से क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण हाल ही में हो चुका है. नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है. ब्रिटेन को अगस्त में दो अलग-अलग प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे गए हैं. इसके अलावा उसके भाई नीशल और नजदीकी सहयोगी सुभाष परब के लिए यूएई से प्रत्यर्पण की मांग की गई है. नीशल के लिए बेल्जियम और परब के लिए इजिप्ट से भी प्रत्यर्पण की मांग की गई है. एंटीगुआ में रह रहे चोकसी के खिलाफ प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया है और हाल ही में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया है.
आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी के प्रत्यर्पण की मांग सिंगापुर, हांग कांग, यूएई और मॉरिशियस से की गई है. आशीष जोबनपुत्र और उसकी पत्नी प्रीति को प्रत्यर्पित करने की मांग अमेरिका से की गई है. यूएई में रहने वाले बिचौलिए दीपक तलवार और संजय भंडारी (लंदन) की भी तलाश जारी है. सरकार के अनुसार इन सभी भगोड़ों पर नए भगोड़ा कानून के तहत मामला चलाया जा रहा है.



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