‘तुलसी’; सिर्फ पूजा के लिए नहीं, इसके है काफी लाभ भी

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तुलसीदल (पत्ता) को हमारे देश में पूजनीय देवी की उपाधि प्राप्त है। तुलसी का पत्ता अनेक रोगों में हितकारी भी है। भारतीय आयुर्वेद के अनुसार तुलसी कटु-तिक्तरस वाली तथा अग्रिप्रदीपक है। कुष्ठ, मूत्र रोग, रक्तविकार, वात, कफ, पाश्र्वशूल, श्वास रोग, विषदोष, चर्म रोग, वमन तथा ज्वर की नाशक एवं हृदय के लिए भी हितकारी है। त्वचा, मांस तथा अस्थि में जो महारोग हो जाता है, तुलसी उसको भी नष्ट कर देती है। तुलसी के अनेकानेक लाभों में से कुछ सरल तथा सामान्य जीवन में लाभदायक नुस्खे हम सबको जानने चाहिए।
1. सिरदर्द में तुलसी के 20-25 पत्तों का रस, समान मात्रा में नींबू का रस मिलाकर पीने से लाभ होता है।
2. पुराने सिरदर्द में तुलसी के 25 पत्ते, 10 काली मिर्च तथा लहसुन की कुछ कलियां पीसकर उनका रस निकाल एक शीशी में भरकर, 15-15
मिनट में जोर से नसवार की तरह सूंघने से शीघ्र आराम आता है।
3. स्मरण शक्ति बढ़ाने हेतु तुलसी के 10 पत्ते, 5 काली मिर्च, 5 बादाम पीसकर थोड़े-से शहद के साथ लेने से फायदा होता है।
4. कान दर्द होने पर तुलसी के पत्तों के रस में थोड़ा-सा कपूर घोल कर कानों में डालने से दर्द दूर हो जाता है।
5. गला बैठने पर तुलसी, प्याज व अदरक को पीसकर उसका रस शहद के साथ चाटने से लाभ होता है।
6. जोर से बोलने या गाने के कारण गले में दर्द-कसाव हो तो तुलसी के 25 पत्तों का रस एक चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से 2-3 बार में ही गला
खुल जाता है।

7. तुलसी के पत्तों का रस तेज गर्म पानी में मिलाकर पीने से गैस में तुरन्त आराम होता है।
8. बच्चों को कब्ज होने पर तुलसी और पान के पत्तों का रस समान मात्रा में गर्म करके पिलानेसे फायदा होता है। पेट फूलना व गैस भी ठीक होता है।
9. तुलसी-अदरक 10-10 ग्राम पीसकर उसका रस एक चम्मच नींबू रस व थोड़ा काला नमक मिलाकर पीने से कब्ज से छुटकारा मिलेगा, पेट साफ
होगा, आंतों की जलन और सूजन भी समाप्त होगी।
10. तुलसी की जड़ और निबौली के बीज खूब बारीक पीसकर 2 ग्राम की मात्रा में छाछ के साथ निगलने से बवासीर में लाभ होता है।
11. तुलसी के पत्ते और कपूर पीसकर मस्सों पर लेप करने से मस्से दूर होते हैं।
12. तुलसी के पत्तों का 1 चम्मच रस उतने ही शहद में मिलाकर चाटने से जी मिचलाने में लाभ होता है।
13. तुलसी और अदरक का रस 1-1 चम्मच मिलाकर पीने से खाने-पीने की गड़बड़ी से यदि पेट में दर्द-भारीपन या मरोड़ हो तो आराम मिलता है।
14. तुलसी और अदरक का रस 1-1 चम्मच मिलाकर दो दिनों तक 3-3 घंटे बाद सेवन करने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं।
15. तुलसी रस 10 ग्राम और शहद 5 ग्राम चाटने से हिचकी बंद हो जाती है।
16. दस ग्राम तुलसी के पत्ते को एक गिलास पानी में उबालकर, पानी जब एक चौथाई बचे तब कपड़े से छानकर पीने से कमजोर जिगर वाले को एक
सप्ताह में ही लाभ नजर आने लगेगा।
17. 5 ग्राम तुलसी पत्ते में बराबर का गुड़ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से जोड़ों के दर्द (वात रोग) में लाभ होता है।
18. काली तुलसी के रस में एक-एक चम्मच शहद मिलाकर चाटने से दमा (अस्थमा) के रोग में आराम मिलता है।
19. तुलसी रस और नींबू रस समान मात्रा में प्रतिदिन लगाने से एक सप्ताह में ही चेहरे की झाइयों, मुहांसों या काले दागों को दूर होते हैं और चेहरा
चमकने लगता है।
20. तुलसी के 21 पत्ते और आंवले का 10 ग्राम चूर्ण रोज पानी में मसलकर रात को भिगोकर, सुबह इस पानी को सिर में लगाकर सूखने तक छोड़ने,
और बाद में सिर को पानी से धोकर नारियल के तेल की मालिश करने से बाल झड़ने रुकते हैं और बाल काले, घने व मजबूत भी होते हैं।

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